छत्तीसगढ़: जानिए कौन है माड़वी हिड़मा, हर बड़े नक्सली हमले में सामने आता है नाम

नक्सली हमले के बाद हिड़मा को मारना सरकार की बड़ी चुनौती.

नक्सली हमले के बाद हिड़मा को मारना सरकार की बड़ी चुनौती.

माड़वी हिड़मा उर्फ हिडमन्ना उर्फ हिडमालू उर्फ संतोष (Naxalite commander Madvi Hidma) नक्सलियों में सबसे खूंखार नाम है. माना जा रहा है कि सुरक्षाबलों को हिड़मा के बारे में जानकारी मिली थी और उसके खिलाफ ऑपरेशन चलाया जा रहा था. घने जंगलों के बीच चलाए जा रहे ऑपरेशन की जानकारी नक्सलियों को लग गई थी.

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रायपुर.  इस साल के सबसे बड़े नक्सली हमले में छत्तीसगढ़ के बीजापुर में शनिवार के दिन 22 जवान शहीद हो गए. इस हमले को लेकर जहां पूरे देश में आक्रोश है, वहीं इस हमले के पीछे नाम आ रहा है खूंखार नक्सली कमांडर माडवी हिड़मा का. माड़वी हिड़मा उर्फ हिडमन्ना उर्फ हिडमालू उर्फ संतोष नक्सलियों में सबसे खूंखार नाम है. माना जा रहा है कि सुरक्षाबलों को हिड़मा के बारे में जानकारी मिली थी और उसके खिलाफ ऑपरेशन चलाया जा रहा था. घने जंगलों के बीच चलाए जा रहे ऑपरेशन की जानकारी नक्सलियों को लग गई थी और शनिवार को नक्सलियों के हमले में 22 जवान शहीद हो गए और एक जवान अभी भी लापता है.

कौन है हिड़मा?

पूर्वती का रहने वाला हिड़मा आज नक्सलियों का बड़ा कमांडर है और प्रतिबंध संगठन CPI (माओवादी) का सदस्य है, और मोस्ट वांटेड नक्सली है. करीब 40-45 साल और छोटे कद का हिड़मा नक्सलियों की PLGA यानी People's Liberation Guerilla Army की खूंखार बटालियन नंबर 1 का कमांडर है. हिड़मा माओवादियों की दंडकारण्य स्पेशल ज़ोन कमेटी DKSZ का सदस्य भी है. जानकारी के अनुसार हिड़मा हमेशा अपने साथ AK-47 लेकर चलता है. माना जाता है कि छत्तीसगढ़ में हुए हर बड़े हमले के पीछे हिड़मा का नाम सामने आता है.

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करीब 26 बड़े नक्सली हमलों को अंजाम देने वाले हिड़मा के सर पर 45 लाख का इनाम है. माना जाता है कि 2013 के झीरम घाटी हमले के पीछे भी हिड़मा का हाथ हो सकता है. शनिवार को जो ऑपरेशन चलाया जा रहा था, वो भी पूर्वती के करीब के इलाके का था, जहां का हिडमा रहने वाला है. सूत्र बताते हैं कि हिड़मा की लोकेशन उस वक़्त उसी इलाके में थी. आज सुकमा हिड़मा का गढ़ बना हुआ है.

90 के दशक में नक्सलियों के साथ शामिल होने वाला हिड़मा आज सबसे खतरनाक नक्सली बन चुका है. महिलाओं समेत करीब 250 हथियारबंद नक्सली हिड़मा के सुरक्षा घेरे में रहते हैं. सूत्र बताते हैं कि हिड़मा की सुरक्षा के 5 से 7 लेयर हैं और करीब 1 किलोमीटर तक हिड़मा का सुरक्षा घेरा फैला हुआ है.

2018 में सरेंडर करने वाले एक नक्सली ने सुरक्षाबलों को बताया था कि अगर हिड़मा का खात्मा हो जाता है तो सुकमा में नक्सलवाद की कमर टूट जाएगी. सूत्र बताते हैं कि हिड़मा के कई करीबियों को मार गिराया गया है, और हिड़मा का अंत भी बहुत दूर नहीं है.
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