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अपराधों के बढ़ते मामलों में फिर उछला छत्तीसगढ़ के मंत्री का नाम

प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के समर्थक उनकी शह और सत्ता के अहंकार में इतने डूब चुके हैं कि वे कानून तोड़ने से भी बाज नहीं आ रहे हैं.

प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के समर्थक उनकी शह और सत्ता के अहंकार में इतने डूब चुके हैं कि वे कानून तोड़ने से भी बाज नहीं आ रहे हैं.

प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के समर्थक उनकी शह और सत्ता के अहंकार में इतने डूब चुके हैं कि वे कानून तोड़ने से भी बाज नहीं आ रहे हैं.

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अंबिकापुर. शांति और सद्भाव के प्रदेश छत्तीसगढ़ में सत्ता के अहंकार ने फिर एक बार अराजकता को बढ़ावा दे दिया है. प्रदेश में इस वक्‍त भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार है और राज्य में बजट सत्र चल रहा है लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कैबिनेट मंत्री अमरजीत भगत आजकल सुर्खियों का हिस्सा बने हुए हैं. प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के समर्थक उनकी शह और सत्ता के अहंकार में इतने डूब चुके हैं कि वे कानून तोड़ने से भी बाज नहीं आ रहे हैं.

ताजा मामला है अंबिकापुर के कोतवाली थाने से, जहां नगर पुलिस अधीक्षक का कार्यालय भी संचालित है. शनिवार रात को पुलिस अधिकारी कार सवार युवकों को मोटर व्हीकल एक्ट के मामले में थाने लेकर आए थे. जहां पहुंचकर इन युवकों ने अभद्रता दिखाते हुए माहौल खराब किया और पुलिस अधिकारियों से उलझ गए. इस अभद्र व्यवहार पर जब पुलिस आरक्षक ने रोकने का प्रयास किया तब उनसे भी मारपीट की गई. थाने में बैठकर अपने परिजनों और दोस्तों को फोन कर इन युवकों ने थाने बुलाया था. उन्‍होंने वहां पहुंचकर थाने से जा रहे आरक्षक का थाना परिसर में ही रास्ता रोक लिया और कार से उतार मारपीट करने लगे.

गौरतलब है कि जिस समय यह घटना हुई उस दौरान इस थाने में वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे लेकिन अधिकारी भी मौन खड़े रहे. बताया जा रहा है कि इस घटना में युवकों की इस हरकत की जांच करने पर पता चला कि जिस कार सवार युवक ने इस पूरी घटना को अंजाम दिया, वह खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के करीबियों से संपर्क में रहता है. जब थाने में बैठे इस युवक ने अपने परिजनों और दोस्तों को फोन किया तब मंत्री के करीबी व युवकों के साथी थाने पहुंचे थे. जहां सत्ता का डर दिखाकर युवकों ने अफरातफरी का माहौल बनाया.



यह पहला नहीं है जिसमें खाद्य मंत्री अमरजीत भगत का नाम अनैतिक और गैरकानूनी कामों से जुड़ा हो. कुछ दिन पहले खाद्य मंत्री के बेटे आशीष भगत पर पांच पहाड़ी कोरवा परिवारों से 24.88 एकड़ जमीन खरीदी का मामला सुर्खियों में रहा था. जिस ज़मीन के बदले में केवल 5 लाख रुपये का भुगतान किया गया है. मामला तब सुर्खियों में आया तब जमीन विक्रेता पहाड़ी कोरवाओं ने प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर शिकायत सामने रखी.

पहाड़ी कोरवाओं का कहना है कि खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के पुत्र ने जमीन पंजीकरण के नाम पर बरगला कर यह ज़मीन अपने नाम कर ली है. उन्होंने कलेक्टर और एसपी को आवेदन देकर बेची गई जमीन वापस दिलाने की गुहार लगाई है. जिस मामले में विपक्ष ने कांग्रेस नेतृत्व की सरकार को घेरना शुरू कर दिया है.
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