छेड़छाड़ पीड़ित नाबालिग लड़की का आधा सिर मुंडवाया, फिर मुर्गे-शराब की दावत

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के गृह जिले कवर्धा के वनांचल ग्राम सेंदूरखार में नाबालिग लड़की के साथ गांव के ही एक युवक ने शराब के नशे में छेड़छाड़ की थी.

Manish Mishra | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: February 13, 2018, 10:55 AM IST
छेड़छाड़ पीड़ित नाबालिग लड़की का आधा सिर मुंडवाया, फिर मुर्गे-शराब की दावत
नाबालिग लड़की के साथ सामाजिक नियमों का हवाला देते हुए ये करतूत की गई है.
Manish Mishra
Manish Mishra | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: February 13, 2018, 10:55 AM IST
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के गृह जिले कवर्धा के वनांचल ग्राम सेंदूरखार में एक नाबालिग बैगा लड़की का अर्धमुंडन कराने का मामला सामने आया है. गांव के दबंगों ने इस घटना को अंजाम दिया है. नाबालिग लड़की के साथ सामाजिक नियमों का हवाला देते हुए ये करतूत की गई है.

नाबालिग लड़की के साथ गांव के ही एक युवक ने शराब के नशे में छेड़छाड़ की थी. जिसे लेकर समाज के लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई थी, लेकिन इस मामले की शिकायत पुलिस से करने की बजाय जिम्मेदारों द्वारा ये मामला पंचायत के समक्ष रखा गया. इसके बाद समाज के प्रमुखों ने अजीबो-गरीब फरमान सुना दिए.

समाज प्रमुखों ने छेड़छाड़ के आरोपी युवक को सजा देने की बजाय खुद पीड़ित लड़की का चाल चाल चलन ठीक न होने का हवाला दिया.
पंचयात ने बतौर सजा पीड़ित का सिर आधा मुंड़वाने की सजा दे दी. कुछ दिनों तक तो लड़की का पिता इसके लिए राजी नहीं हुआ, लेकिन समाज के डर से उसने पीड़िता का आधा सिर मुड़वा दिया.

पंचायत ने पीड़ित परिवार पर पांच हजार रुपए का अर्थदंड लगाया. इतना ही नहीं पीड़ित परिवार वालों से शराब व मुर्गे की दावत भी ली गई. ईटीवी पर मामले का प्रसारण प्रमुखता से किया गया. इसके बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया है. संबंधित थाना प्रभारी को गांव भेजकर रिपोर्ट तलब की गई है.

सीएम डॉ. रमन सिंह फाइल फोटो
ईटीवी


कवर्धा (कबीरधाम) मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का गृह जिला है. बता दें कि पीड़िता कक्षा सातवीं की छात्रा बैगा समुदाय की है.
बैगा समुदाय में महिलाओं का या लड़कियों का बाल काटना या मुंडन करना सख्त मना है. बावजूद गांव के ही कुछ लोगों ने इस करतूत को अंजाम दिया है. पीड़ित लड़की की मां ने बताया कि एख शराबी की करस्तानी की सजा उसकी बेटी को भुगतनी पड़ी है.
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पीड़िता की मां ने बताया कि वो समाज के इस फैसले के पक्ष में नहीं थी. फिर भी सामाजिक दबाव में उसे व परिवार वालों को नतमस्तक होना पड़ा. मामले में गांव के सरपंच भागवत मानिकपुरी का कुछ अलग ही कहना है. वो शराब पीकर लड़की से छेड़छाड़ की घटना को मामूली मानते हैं.

सरपंच के पास जब शिकायत आई थी तो वो घरवालों को समझा कर भेज दिए थे. सरपंच का कहना है कि लड़का शराब के नशे में ये हरकत किया होगा. हालांकि सरपंच ने मुंडन करवाए जाने की घटना को गलत बताया और इसकी जानकारी नहीं होने की बात कही.
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