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मध्य प्रदेश के लकड़ी तस्कर बने परेशानी का सबब, वन मंत्री के क्षेत्र में काट रहे पेड़

मध्य प्रदेश के लकड़ी तस्कर बने परेशानी का सबब, वन मंत्री के क्षेत्र में काट रहे पेड़

स्थानीय लोगों ने कई आरोप वन विभाग पर लगाए हैं.

स्थानीय लोगों ने कई आरोप वन विभाग पर लगाए हैं.

मालूम हो कि कवर्धा प्रदेश के वन मंत्री एवं परिवहन मंत्री मोहम्मद (Minister Md. Akhbar) अकबर का निर्वाचन क्षेत्र है. वनमंत्री के क्षेत्र में इस तरह वनों की अवैध कटाई समझ से परे है. 

 कवर्धा. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के कवर्धा (Kawardha) जिले में वनों की अवैध तरीके से कटाई बदस्तूर जारी है. वन अमले के नाक के नीचे लकड़ी तस्कर लकड़ी काट के ले जा रहे हैं. मेन रोड के किनारे लकड़ी काटकर डंप कर रहे हैं. लेकिन महज 300 मीटर की दूरी पर डिप्टी रेंजर के आवास कार्यालय को यह जानकारी नहीं मिलती है. जिस वक्त मीडिया की टीम वहां पहुंची ग्रामीण लकड़ी काटकर एकत्रित कर रहा था. मीडिया के पहुंचने की सूचना मिलने पर बीटगार्ड वहां पहुंचा. पूछने पर कहा कि मना करने के बाद भी नहीं मानते.


 स्थानीय लोगों का कहना है कि काफी सालों से यहां अवैध कटाई चल रही है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती. जो कभी घना जंगल हुआ करता था, वो आज मैदान बनते जा रहे हैं. जब हमने डीएफओ से अवैध कटाई के बारे में पूछा तो उनका कहना था कि एमपी से लगा क्षेत्र है. अवैध कटाई वाले उधरी से घूसपैठ करके आते हैं. स्टॉफ कम था,जिसे बढ़ाया गया है. गश्त तेज कर दी गई है ताकि अवैध कटाई को रोका जा सके. जबकि, मौके पर विभाग के दावों के बीच सच्चाई कुछ और ही नजर आई.


वन विभाग की कार्रवाई पर स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल

रेंगाखार वन परिक्षेत्र के मेन रोड स्थित ग्राम समनापुर जंगल में अवैध कटाई की जगह पर मीडिया तो पहुंच गई पर वन अमला नहीं पहुंच सका. डिप्टी रेंजर या रेंजर तो नहीं आए पर जैसे ही बीटगार्ड को सूचना मिली वो भी मौके पर पहुंचा. लकड़ी काटने वाले से उसकी कुल्हाड़ी छिनी. जब हमने पूछा कि पास में ही आपके अधिकारी का कार्यालय है. जंगल की कटाई हो रही है,आप लोग कुछ करते क्यों नहीं, जानकारी कैसे नहीं होती. इस पर उसका जवाब था कि ये आज का ही है. पहले नहीं आते थे. मना करने पर मानते नहीं है. अकेले जंगल में जाने पर जान का भी खतरा रहता है. लकड़ी तस्कर हमला भी कर सकते हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़े आश्चचर्य की बात है कि कार्यालय के कुछ ही दुरी पर कटाई होती है. और इन्हें पता नहीं चलता. लोगों ने आरोप लगाया कि विभाग की लापरवाही के चलते ये कटाई हो रही है. लोग जंगल काटकर खेत बना रहे हैं. इमारती लकड़ी काटा जा रहा हैं. जो कभी घना जंगल हुआ करता था वो अब मैदान बनते जा रहा है.




रेंगाखार वन परिक्षेत्र में अवैध कटाई के संबंध में जब हमने वन मंडलाधिकारी दिलराज प्रभाकर से पूछा तो उनका जवाब बड़ा दिलचस्प था. उनका कहना है कि अवैध कटाई वाला क्षेत्र मध्यप्रदेश राज्य की सीमा से लगा हुआ है. वहां के लोग घूसपैठ करके लकड़ी काटने यहां आते हैं. रेंगाखार रेंज में स्टाफ पहले कम था, अब वहां स्टाफ बढ़ाया गया है. रात्रिकालीन भी गश्त किया जा रहा है ताकि अवैध कटाई रोकी जा सके.


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Tags: Chhattisgarh news, Chhattisgarh police, Kawardha news

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