सिलेगर कांड: जांच कमेटी ने ग्रामीणों से बातचीत कर जुटाये तथ्य, CM बघेल को सौंपी रिपोर्ट

कमेटी के अध्यक्ष और बस्तर के सांसद दीपक बैज ने मंगलवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सिलेगर कांड की जांच रिपोर्ट सौंपी

कमेटी के अध्यक्ष और बस्तर के सांसद दीपक बैज ने मंगलवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सिलेगर कांड की जांच रिपोर्ट सौंपी

छह सदस्यीय जांच कमेटी के अध्यक्ष और बस्तर के सांसद दीपक बैज (Deepak Baij) ने कहा कि कमेटी के लोग सिलगेर (Silegar) तक पहुंचे और ग्रामीणों से बिंदुवार चर्चा हुई. कई मांगों पर तत्काल सहमति बन गई जबकि कुछ बिंदुओं पर शासनस्तर पर निर्णय होना है

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रायपुर. सिलगेर गोलीकांड की जांच के लिए बनाई गई छह सदस्यीय कमेटी ने इलाके का दौरा कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. रिपोर्ट सौंपने और यथास्थिति की जानकारी देने के बाद न्यूज़ 18 से खास बातचीत करते हुए कमेटी के अध्यक्ष और बस्तर के सांसद दीपक बैज (Deepak Baij) ने कहा कि कमेटी के लोग सिलगेर (Silegar) तक पहुंचे और ग्रामीणों से बिंदुवार चर्चा हुई. कई मांगों पर तत्काल सहमति बन गई जबकि कुछ बिंदुओं पर शासनस्तर पर निर्णय होना है. उन्होंने बताया कि बस्तर के आदिवासी खेती-किसानी और वन उत्पादों पर निर्भर रहते हैं. मौजूदा समय खेती-किसानी का समय है. कोरोना संक्रमण (Corona Virus) के खतरे को देखते हुए ऐसे समय आंदोलन करना नुकसानदेह है. उन्होंने कहा कि सरकार चाहती हैं कि हालात सामान्य हों, ग्रामीणों की जो भी मांग है इस पर उनसे बातचीत करने, उन्हें सुनने के लिए हम हमेशा तैयार हैं.

आठ में से किन-किन बिंदुओं पर बनी सहमति

सिलगेर और आसपास के ग्रामीणों की आठ सूत्रीय मांग में अधिकांश पर तात्कालिक सहमति बन गई है, जिसमें घटना की विस्तृत जांच, आदिवासियों की जमीन पर कैंप निर्माण की जांच, आदिवासी स्तंभों को ना तोड़ा जाए, आंदोलन समाप्ति के बाद कोई मुकदमा ना दायर किया जाए प्रमुख रूप से शामिल हैं.

गोलीकांड की होगी विस्तृत जांच
सिलगेर में जो तनाव के हालात बने हैं उसकी प्रमुख वजह सीआरपीएफ कैंप का विरोध कर रही भीड़ पर सुरक्षाकर्मियों की फायरिंग है जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी. स्थानीय लोगों का दावा है कि गोलीबारी में मारे गए लोग ग्रामीण हैं जबकि पुलिस उन्हें नक्सली बता रही है. पिछले 25 दिनों से आंदोनल कर रहे ग्रामीण चाहते हैं कि इस गोलीकांड की विस्तृत जांच हो जिस पर राज्य सरकार ने पहले ही आदेश जारी कर दंडाधिकारी जांच नियुक्त की है.

आदिवासियों की जमीन पर कैंप निर्माण की जांच

सिलगेर में जिस स्थान पर कैंप बना है ग्रामीणों का दावा है कि वो जमीन आदिवासियों के हक की है जिस पर जबरन कब्जा कर कैंप बना लिया गया है. जमीन की जांच पर भी शासनस्तर से अनुमति दे दी गई है.



आदिवासी स्तंभों को ना तोड़ा जाए

सिलगेर कैंप और उसके आस-पास आदिवासी स्तंभों का निर्माण किया गया हैं. कैंप स्थापित होने पर उन्हें तोड़े जाने की आशंका ग्रामीणों द्वारा जताई जा रही है, जिस पर प्रशासनिक स्तर पर उन स्तंभों को ना तोड़ने के बात पर सहमति बन चुकी है.

आंदोलन समाप्ति पर ना हो कोई मुकदमा

सिलगेर में बीते 25 दिन से आंदोलन कर रहे ग्रामीण चाहते हैं कि आंदोलन खत्म होने पर किसी तरह का मुकदमा ना दायर किया जाए. इस पर जनप्रतिनिधि स्तर पर सहमति जताते हुए आश्वासन दिया गया है कि किसी के भी खिलाफ मुकदमा दायर नहीं किया जाएगा.

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