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नामांकन के बाद मची लोगों को 'रिझाने' की होड़, अपने मुद्दों को खास बता कर रहे दावेदारी

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विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिले होने के साथ ही अब राजनीतिक दलों के बीच जीत के लिए घमान मचा हुआ है. हर कोई मतदाताओं के सामने अपने मुद्दे को ख़ास बताते हुए जीत की दावेदारी करते नजर आ रहे है.

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छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले में विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिले होने के साथ ही अब राजनीतिक दलों के बीच जीत के लिए घमान मचा हुआ है. हर कोई मतदाताओं के सामने अपने मुद्दे को ख़ास बताते हुए जीत की दावेदारी करते नजर आ रहे है. विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के बीच मतदाताओं को रिझाने की होड़ मची हुई है. बता दें कि कोण्डागांव विधानसभा में भाजपा से लता उसेंडी चौथी बार मैदान में है. दो बार जीत और मंत्री रहते हुए एक बार शिकस्त झेल चुकी लता उसेंडी कांग्रेस विधायक पर मतदाताओं को बरगलाने का आरोप लगा रही है. लता उसेंडी का कहना है कि इस बार भाजपा से किसी का कोई मुकाबला नहीं है. इस बार भाजपा एकतरफा जीत दर्ज करेगी.

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उधर जोगी कांग्रेस और बसपा के महा गठबंधन के मिले सीट पर बसपा उम्मीदवार जीत के लिए पूरी मशक्कत कर रहे है. बसपा के प्रत्याशी नरेंद्र नेताम पूर्व में कांग्रेस सदस्य रहते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष थे. पर पार्टी से नाराजगी की वजह से कांग्रेस छोड़ उन्होने JCCJ का दामन थाम लिया और बसपा की सदस्यता लेकर चुनावी मैदान में है. किसानों की समस्या को मुख्य मुद्दा बताते हुए नरेंद्र नेताम का कहना है कि कांग्रेस तीसरे नम्बर की पार्टी है. JCCJ का सीधा मुकाबला भाजपा से ही है.



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एक हार और एक जीत के साथ तीसरी बार कांग्रेस से चुनावी दंगल में मोहन मरकाम ताल ठोक रहे है. प्रदेश सरकार की पंद्रह साल की नाकामी को लेकर चुनावी जंग जीतने की कोशिश कर रहे कांग्रेस प्रत्याशी पर अपनी सीट बचने का दबाव है. चुनाव में मुकाबले पर मोहन मरकाम ने किसी एक पार्टी की बजाय सभी से मुकाबले की बात कहते हुए कहा की चुनाव के समय आरोप तो लगते ही है.

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