कोण्डागांव में शिक्षा का बुरा हाल, टीचर की जगह रसोइए संभाल रहे स्कूल

कोंडागांव जिला मुख्यालय में एनएच- 30 से लगा जनपद स्कुल सबसे पुराना स्कूल है. इस स्कूल में 100 से अधिक नौनिहाल अपना भविष्य गढ़ते है.

Vivek Shrivastava | News18 Chhattisgarh
Updated: October 11, 2018, 6:14 PM IST
कोण्डागांव में शिक्षा का बुरा हाल, टीचर की जगह रसोइए संभाल रहे स्कूल
कोण्डागांव में शिक्षा व्यवस्था का बुरा हाल
Vivek Shrivastava
Vivek Shrivastava | News18 Chhattisgarh
Updated: October 11, 2018, 6:14 PM IST
छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले में शिक्षा का क्या हाल है इसका नजारा जिला मुख्यालय में देखने को मिल रहा है. जहां स्टाफ की कमी को स्कुल की रसोइया से पूरी की जा रही है. बता दें कि कोंडागांव जिला मुख्यालय में एनएच- 30 से लगा जनपद स्कुल सबसे पुराना स्कूल है. इस स्कूल में 100 से अधिक नौनिहाल अपना भविष्य गढ़ते है. आज यही स्कूल शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है. इस स्कुल में जहा प्रधान पाठक का पद रिक्त है तो वहीं स्कूल में तीन शिक्षकों में दो छुट्टी पर है. ऐसी हालत में एक शिक्षक और एक रसोइया स्कुल में बच्चों को पढ़ाने का कम कर रहे है.

प्रभारी शिक्षक आरई पोयाम के अनुसार इस समस्या की जानकारी अधिकारियों को है काफी पहले से दे दी गई थी. लेकिन अभी इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है. वहीं इस मामले में ब्लाक शिक्षा अधिकारी मंगलू राम कश्यप का कहना है कि ऐसी कोई जानकारी अब तक नहीं मिली है. इस मामले में जब क्षेत्र के विधायक मोहन मरकाम से बात की गई तो उन्होंने कहा की सरकार का सबसे ज्यादा बजट वाला शिक्षा विभाग है. विधायक ने विभाग पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए सरकार की शिक्षा निति पर सवाल खड़े कर दिए है. तो भाजपा की पूर्व मंत्री लता उसेंडी ने कांग्रेस विधायक पर समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए बहानेबाजी करने की बात कही है.

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