आजादी की वर्षगांठ पर जल समाधि ले सकते हैं 'गांधी', बताई यह वजह

जल समाधि के लिए उसने प्रशासन को आवेदन भी दे दिया है. सांकेतिक फोटो.
जल समाधि के लिए उसने प्रशासन को आवेदन भी दे दिया है. सांकेतिक फोटो.

छत्तीसगढ़ के कोंडागांव निवासी हेमेश गांधी ने जल समाधि के लिए प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंपा है.

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छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में एक व्यक्ति ने जल समाधि लेने का फैसला लिया है. इसके लिए उस सख्श ने आजादी की वर्षगांठ का दिन यानी 15 अगस्त तय किया है. जल समाधि के लिए उसने सरकार को ज्ञापन भी दे दिया है. सरकार तंत्र और अफसरशाही से परेशान होने का हवाला देकर उसने जल समाधि लेने की इच्छा जताई है. इसकी अनुमति के लिए ज्ञापन के रूप में सरकार को पत्र भी दिया है.

कोण्डागांव के विकास नगर में रहने वाले ठेकेदार हेमेश गांधी ने शहर के मुख्य मार्ग पर स्थित बंधा तालाब में जल समाधि लेने के लिए आवेदन दिया है. इसके लिए हेमेश गांधी ने मुख्यमंत्री (छत्तीसगढ़ शासन) के नाम एक ज्ञापन राजस्‍व अधिकारी (कोण्डागांव) को सौंपा है. इसमें यह लिखा है कि जिला में चरम पर व्याप्त भ्रष्ट अफसरशाही, कागजों में उलझाते हुए मानसिक रूप से प्रताडि़त करने, आर्थिक, सामाजिक रूप से क्षति पहुंचाने के कारण 15 अगस्त के दिन स्थानीय बंधा तालाब में शाम 4 बजे जल समाधि लेने का निर्णय लिया है.

24 आपराधिक प्रकरण दर्ज
ज्ञापन में हेमेश गांधी ने लिखा है कि विभागीय अधिकारियों द्वारा निरंतर कागजों में उन्हें उलझाते हुए, प्रताड़ि‍त कर सुनियोजित तरीके से आर्थिक एवं सामाजिक क्षति पहुंचाने की कोशिश की गई है. साथ ही मेरे खिलाफ साजिश रच कर 24 आपराधिक प्रकरण न्यायालय में दर्ज करवाए गए, जिनसे 4 वर्ष के लम्बे अंतराल के बाद उन्हें निर्दोष बरी किया गया. उनका कहना है कि इस बाबत शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है. इस तरह से निरंतर घुट-घुट कर जीवन व्यतित करने से अच्छा होगा कि एक ही बार में अंतिम निर्णय लिया जाए.
हेमेश गांधी.




इच्छामृत्यु की मांग
हेमेश ने बताया कि उसके जीवन में एक ऐसा भी वक्त आया था कि वह मानसिक अवसाद और तनाव के कारण इतने अधिक दुखी हो गए थे कि उन्‍होंने न केवल इच्छामृत्यु की मांग करने, बल्कि आत्महत्या करने तक का मन बना लिया था. लेकिन, फिर उन्हें लगा कि आत्महत्या जैसा कदम उठाना कायराना हरकत होगा और फिर उनके द्वारा न्याय पाने के लिए संघर्ष का रास्ता अख्तियार करते हुए अपनी व्यथा को आवेदनों के माध्यम से उठाने का फैसला किया.

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