ब्लड डोनेट करने आए छात्रों ने कहा- 'जिससे किसी की जिंदगी बच जाए इससे बड़ी बात क्या होगी'

कोंडागांव जिले में गांव से पढ़ने आए स्कूली बच्चों ने जरूरतमंदों के लिए अपना रक्त दान किया. बच्चों ने कहा कि सबसे बड़ा दान रक्तदान है, जो एक महादान है.

Vivek Shrivastava | News18 Chhattisgarh
Updated: December 8, 2018, 10:48 AM IST
ब्लड डोनेट करने आए छात्रों ने कहा- 'जिससे किसी की जिंदगी बच जाए इससे बड़ी बात क्या होगी'
ब्लड डोनेट करने आए छात्रों ने कहा- 'जिससे किसी की जिंदगी बच जाए इससे बड़ी बात क्या होगी'
Vivek Shrivastava | News18 Chhattisgarh
Updated: December 8, 2018, 10:48 AM IST
छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में गांव से पढ़ने आए स्कूली बच्चों ने जरूरतमंदों के लिए अपना रक्त दान किया. बच्चों ने कहा कि सबसे बड़ा दान रक्तदान है, जो एक महादान है.

पूरा मामला

दरअसल, जिला अस्पताल में अपनी बारी आने के इंताजार में बैठे स्कूली बच्चे यहां किसी अनजान जरूरतमंद व्यक्ति को अपना खून देने पहुंचे थे. सभी बच्चे जिले के ग्रामीण इलाको से शहर के बॉय स्कूल में पढ़ते हैं. दरअसल, राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े इन बच्चों को स्कूल के शिक्षकों ने सेवा भाव का ऐसा पाठ पढ़ाया कि इन बच्चों ने अस्पताल में पहुंचकर रक्तदान करने का निर्णय किया. ब्लड डोनेट करने जिला अस्पताल पहुंचे इन बच्चों ने कहा कि हमारे ब्लड से किसी की जान बच जाए, इससे बड़ी बात क्या होगी. उन्होंने कहा कि रक्तदान ही सबसे बड़ा दान है.

स्कूली बच्चों द्वारा जरूरतमंदों के लिए स्वेच्छा से ब्लड डोनेट करने से अस्पताल अधीक्षक भी प्रभावित हो गए. स्कूली बच्चों के ब्लड देने के दौरान अस्पताल अधीक्षक डॉ. एस. पी. वारे पूरे समय बच्चों के पास ही खड़े रहे. उन्होंने कहा कि बच्चों के इस प्रयास से एक मेसेज जरूर जाता है कि ब्लड देने से कोई परेशानी नहीं होती.

बहरहाल, बदलते माहौल में स्कूली बच्चों ने अनजान लोगों के लिए अपना खून देकर साबित कर दिया है कि आज भी इस देश में मानवता ज़िंदा है.

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