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Valentine Day 2020: बस्तर में 'देवता' बन गए दो प्रेमी, अधूरी लव स्टोरी अब करती है मन्नत पूरी

News18 Chhattisgarh
Updated: February 14, 2020, 10:39 AM IST
Valentine Day 2020: बस्तर में 'देवता' बन गए दो प्रेमी, अधूरी लव स्टोरी अब करती है मन्नत पूरी
सोमी धामी मंदिर से कई मान्यता जुड़ी हुई हैं.

ये कहानी है बस्तर के कोण्डागांव जिले के दो युवकों की, जिनका खुद का प्यार अधूरा रह गया. लेकिन अब देवता बनकर लोगों की प्रेम कहानी के साथ ही उनकी मन्नतों को पूरा कर रहे हैं.

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कोण्डागांव. सुनहरे परदे पर आपने कई प्रेम कहानी देखी होगी. वैलेंटाइन डे (Valentine Day) पर हम बताएंगे बिल्कुल देशी लव स्टोरी (Love Story). ये कहानी है बस्तर (Bastar) के कोण्डागांव (Kondagaon) जिले के दो युवकों की, जिनका खुद का प्यार अधूरा रह गया. लेकिन अब देवता बनकर लोगों की प्रेम कहानी के साथ ही उनकी मन्नतों को पूरा कर रहे हैं, यहां के लोग सोमी और धामी को देवता मानकर इनकी पूजा करते हैं. दरअसल, जिला मुख्यालय से तकरीबन 12 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत सोनाबाल है जहां बहुतआयत में सेठिया परिवार निवासरत है जो ये मान्यता रखता है. इनके साथ ही अब गांव वाले भी हर तीज-त्यौहार से पहले सोमी धामी को देवता (Devta) के रूप में पूजने लगे है.

सेठिया परिवार के अशोक सेठिया ने बताया कि उनके पूर्वजों के यहं सोमी और धामी नाम के दो युवक काम की तलाश में पहुचे और उनके यंहा काम करने लगे. इसी दौरान रूनकी और झूमकी नाम की दो युवतियां के साथ उन्हें प्यार हो गया और धीरे-धीरे प्यार परवान चढ़ने लगा. जब घर वालों के साथ गांव वालों को इस प्यार की खबर लगी तो इसका विरोध होने लगा. इस बात से डरकर सोमी और धामी एक कमरे में जाकर छिप गए जहां काफी मात्रा में अलसी रखी हुई थी. यहीं दोनों की मौत हो गई. सोमी और धामी की पूजा करने वाले श्रवण सेठिया ने बताया कि इनकी याद में रूनकी और झूमकी भी कुछ समय बाद सती हो गई थीं.

लोग मानते हैं देवता.


ग्रामीणों मानते हैं देवता

श्रवण सेठिया ने बतया की सोमी और धामी की मौत के बाद वे हमारे परिवार वालों को परेशान करने लगे थे. इसके बाद पूर्वजों ने बस्तर रियासत से नरसिंह नाथ सहित अन्य देवी-देवताओं को इस मसले को निपटाने के लिए गांव आमंत्रित किया था. इन्हीं देवताओं ने बताया कि सोमी और धामी को अब देवता के रूप में पूजना होगा. इसके बाद से उनके परिवार और गांव वालों दशकों से सोमी और धामी की पूजा अर्चना करते आ रहे है.

मन्नत लेकर पहुंचते है लोग.


पांच साल में 300 जोड़े हुए एक दूजे केभले ही सोमी और धामी की प्यार अधूरी रह गया हो पर आज उनके दर पर जो भी फ़रियाद लेकर आता है वह जरुर पूरी होती है, ऐसा लोग मानते हैं. खासकर अपने प्यार को पाने लिए लोग यहां मन्नत मांगते हैं और माना जाता है कि उनकी मन्नत पूरी होती है  हां इतना जरूर है की इनके मंदिर में महिलाओं का प्रवेश निषेध है और इनका प्रसाद आदि भी महिलाए सेवन नहीं करती है. श्रवण सेठिया ने बताया कि पिछले पांच सालों में 300 से ज्यादा युवक-युवतियों का विवाह यहीं से अर्जी लगाने के बाद पूरा हुआ है. श्रवण सेठिया ने बताया कि पहले हमारे यहां पूर्वज पूजा करते थे और उनके जाने के बाद हम लोगों भी उनसे जो सीखा है उसकी आधार पर पूजा करते आ रहे हैं. वे कहते हैं कि गांव के साथ ही आस-पास के लोग सोमी-धामी मंदिर के पास आकर अपनी फरियाद रखते हैं.

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First published: February 14, 2020, 10:36 AM IST
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