कोण्डागांव: तम्बू के नीचे रहने मजबूर है अरंडी गांव के ग्रामीण, ये है वजह

अरंडी में श्मशान भूमि में कब्जे की आड़ लेकर रूढ़ीगत ग्रामसभा के आदेश पर इंदिरा आवास के मकान तोड दिए गए. घर टूटने के बाद से सभी पांच पीड़ित परिवार तम्बू के नीचे सहारा लिया है. ग्रामीणों और पुलिस विभाग की मदद से की पीड़ितों की जिंदगी चल रही है.

Vivek Shrivastava | News18 Chhattisgarh
Updated: March 16, 2019, 6:03 PM IST
कोण्डागांव: तम्बू के नीचे रहने मजबूर है अरंडी गांव के ग्रामीण, ये है वजह
कोण्डागांव का आरंडी गांव
Vivek Shrivastava | News18 Chhattisgarh
Updated: March 16, 2019, 6:03 PM IST
छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले में श्मशान भूमि में कब्जे की बात कहकर आरंडी गांव के पांच परिवार का मकान तोड़ दिया. आज ये परिवार अपने टूटे आशियाने के बाहर टेंट लगाकर जीने को मजबूर है. परिवार के लोग खुले आसमान के नीचे तम्बू में रह रहा है. परिवार के लोग अपने टूटे घर के मलबे के नीचे दबे सामान खोज रहे है. इन परिवारों को पुलिस विभाग और ग्रामीणों ने मदद करते हुए सहारा दिया. घटना के चार दिन बाद कलेक्टर नीलकंठ टेकाम ने ग्राम सभा के जरिए पीड़ित परिवारों से मुलाक़ात की. पर कोई नतीजा नहीं निकला. पीड़ित परिवारों का कहना है कि जिला प्रशासन न तो हमारी गुहार सुन रही और न ही हमारे लिए कोई उचित व्यवस्था कर रही है.

पीड़ित परिवारों का कहना है कि अपने टूटे घर और बिखरी जिंदगी को सवारने पीडितों ने जिला प्रशासन से मदद मांगी. पर प्रशासन की ओर से एसडीम ने नियमों का हवाला देकर मदद देने से इनकार कर दिया. उनका कहना है कि हमे जिला प्रशासन से उम्मीदें तो थी, पर वहां भी निराशा ही हाथ लगी.

पीड़ित परिवारों से मिलाने पहुंचे केशकाल के पूर्व विधायक कृष्ण कुमार ध्रुव ने कहा कि जिला प्रशासन की लापरवाही की वजह से पूरी घटना हुई. तथाकथित रूढ़िवादी लोगों ने पीड़ित के साथ-साथ जिला प्रशासन को भी लिखित जानकारी दी थी. साथ ही पीड़ित लोगों ने भी सुरक्षा की मांग की थी. पर जिला प्रशासन पूरी तरह लापरवाह बनी रही



अरंडी की घटना के बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए दस लोगों को अब तक गिरफ्तार किया है. साथ ही मकान तोड़ने के लिए लाए गए जेसीबी को भी जब्त कर लिया है. एसडीओपी योगेश देवांगन ने बताया कि घटना के बाद से पुलिस ने गांव में ही अस्थाई कैम्प बना दिया है. इस मामले में अब तक 48 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज किया गया है. साथ ही पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद की जा रही है.

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