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SECL समेत अन्य विभागों में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले 3 ठग गिरफ्तार

Abdul Aslam | News18 Chhattisgarh
Updated: December 12, 2019, 8:02 AM IST
SECL समेत अन्य विभागों में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले 3 ठग गिरफ्तार
20-25 व्यक्तियों को नौकरी लगाने के नाम पर धोखाधड़ी

एसईसीएल (SECL) समेत अन्य विभाग में नौकरी (Job) लगवाने का झांसा देकर लाखों रुपए ठगने (Fraud) के मामले में प्लेसमेंट एजेंसी (Placement agency) के तीन कर्मियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

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कोरबा. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के कोरबा (Korba) जिले में एसईसीएल (SECL) समेत अन्य विभाग में नौकरी (Job) लगवाने का झांसा देकर लाखों रुपए ठगने (Fraud) के मामले में प्लेसमेंट एजेंसी (Placement agency) के तीन कर्मियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. वहीं ठगी का मुख्य आरोपी पहले से ही रायपुर (Raipur) के जेल (Jail) में बंद है. मामले में बाकी फरार दो आरोपियों की तलाश जारी है. बता दें कि इस गिरोह में कुल 6 लोग शामिल हैं.

पूरा मामला 

दरअसल, बालकोनगर थाना क्षेत्र में रजगामार चौकी के ओमपुर निवासी तरूण गेंदले (पीड़ित) ने अप्रैल 2018 में रजगामार निवासी पवन भारद्वाज (आरोपी) को SECL में जनरल मजदूर के तौर पर भर्ती करने के लिए रुपए दिए थे. पवन भारद्वाज प्लेसमेंट एजेंसी स्काई नेट से जुड़ा हुआ है, जिसका डायरेक्टर संतोष ठगी के मामले में ही रायपुर जिले के मुजगहन थाना में दर्ज अपराध 420, 120 बी, 34 आईपीसी (IPC) के प्रकरण में रायपुर जेल में बंद है.

इतना ही नहीं तरूण ने अपने साले रथलाल कुर्रे, उसके साले देवेन्द्र निराला से भी चर्चा की और तीनों ने एडवांस के तौर पर 10-10 हजार रुपए पवन को दे दिए. तीन माह बाद भी नौकरी नहीं लगने पर पवन ने इनके रुपए वापस कर रायपुर में चित्रभान सिदार द्वारा नौकरी लगवा देने की बात कही और भदरापारा बालको में मुलाकात कराई. चित्रभान ने कोयला खदान में नौकरी लगाने के एवज में डेढ़-डेढ़ लाख रुपए लिए जो उसे रायपुर पंडरी में स्थित सेट-गेट के कार्यालय में जाकर उसके साथी राजेश चौबे, नवीन शर्मा  और संतोष करन के सामने दिया गया.

कोयला खदान में भी नहीं लगी नौकरी

इसके बाद  चित्रभान और साथियों ने स्काई गेट का जॉब ऑफर लेटर दिया. यह पत्र लेकर कोरबा, चिरमिरी, नागपुर के कोयला खदान तक गए, लेकिन नौकरी नहीं लगी. 8 माह बाद रुपए वापस मांगने पर चित्रभान ने उरगा में डब्ल्यूडब्ल्यूएचओ (WWHO) संस्था द्वारा प्रारंभ किए गए श्री हॉस्पिटल में क्षेत्रीय स्वास्थ्य प्रबंधक के पद पर 17500 रुपए और भत्ता वाली नौकरी लगवाने की बात कही. इस संबंध में नियुक्ति पत्र देकर कुछ दिनों का प्रशिक्षण देने की जानकारी दी.

अस्पताल प्रबंधन ने फर्जी नियुक्ति पत्र थमाए जाने का किया खुलासाइस तरह करीब 2 माह की अवधि में किसी तरह का प्रशिक्षण नहीं दिया गया और जून 2019 में जब अस्पताल में कर्मचारियों की भर्ती के लिए फार्म भराकर परीक्षा ली गई, तब उन्हें संदेह हुआ. चित्रभान के कहने पर उन्होंने भी फार्म भरा व परीक्षा में शामिल हुए, लेकिन रिजल्ट में नाम न होने पर अस्पताल प्रबंधन से संपर्क किया. प्रबंधन ने फर्जी नियुक्ति पत्र थमाए जाने का खुलासा किया. इतना सब होने के बाद चित्रभान ने राम यादव, सुनील खैरवार, लाल सिंह उरांव, रवि पटेल, भुनेश्वर पाटले, रथलाल कुर्रे, लक्ष्मी राठौर, देवेन्द्र निराला, तरूण गेंदले पर झूठी शिकायत दर्ज करा दी.

20-25 व्यक्तियों को नौकरी लगाने के नाम पर धोखाधड़ी

चित्रभान पर आरोप है कि उसके द्वारा 20-25 व्यक्तियों को नौकरी लगाने के नाम पर धोखाधड़ी कर उगाही की गई है. रजगामार चौकी में रथलाल, तरूण गेंदले, राम सहारे, देवेन्द्र निराला, देवानंद निराला की रिपोर्ट पर पवन कुमार भारद्वाज, चित्रभान सिदार और  नवीन शर्मा के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया. साइबर सेल (Cyber ​​cell) के प्रधान आरक्षक दुर्गेश राठौर, आरक्षक डोमन साहू की मदद से मोबाइल लोकेशन के आधार पर 24 घंटे के अंदर नवीन शर्मा को रायपुर में कुशालपुर पुजारी वाटिका के पास पकड़ा गया. नवीन शर्मा की निशानदेही पर चित्रभान सिदार को हरिओम गेस्ट हाऊस रायपुर से पकड़ा गया. वहीं पवन को रजगामार में उसके निवास से दबोचा गया. सभी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर जेल भेज दिया गया है. मामले की जानकारी कोरबा डीएसपी रामगोपाल करियारे ने दी है.

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First published: December 12, 2019, 8:02 AM IST
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