हाईकोर्ट के दखल के बाद गुस्सैल ‘गणेश’ को बेड़ियों से मिली आज़ादी

कोरबा जिले में बेड़ियों से जकड़े गणेश नामक एक आक्रमक हाथी को हाईकोर्ट के संज्ञान लेने के बाद शुक्रवार को वन विभाग ने आजाद कर दिया.

News18 Chhattisgarh
Updated: July 27, 2019, 8:14 AM IST
हाईकोर्ट के दखल के बाद गुस्सैल ‘गणेश’ को बेड़ियों से मिली आज़ादी
हाईकोर्ट के दख़ल के बाद वन विभाग ने आक्रामक ‘गणेश’ को किया आजाद (फाइल फोटो)
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Updated: July 27, 2019, 8:14 AM IST
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बेड़ियों से जकड़े गणेश नामक एक आक्रमक हाथी को हाईकोर्ट के संज्ञान लेने के बाद शुक्रवार को वन विभाग ने आजाद कर दिया. हाथी को आजाद करने से पहले उसे ट्रैंक्यूलाइज कर बेहोश करने बाद उसके पैरों की जंजीरें खोल दी गईं. इसके बाद उसे जंगल में छोड़ दिया गया. अब वन विभाग कॉलर आईडी की मदद से हाथी पर नजर बनाए हुए है.

क्या है पूरा मामला

दरअसल, बीते बुधवार की रात को जंजीर तोड़ने के बाद हाथी रेस्ट हाउस की दीवार को तोड़कर भाग गया था. इससे वन विभाग के अधिकारी भी स्तब्ध रह गए. वन विभाग की गिरफ्त से छूटने के बाद गणेश जंगलों में विचरण करते हुए रायगढ़ के धरमजयगढ़ वन मंडल के करुंगा क्षेत्र में पहुंच गया.

इधर, विशेषज्ञों और वन अधिकारियों की टीम वापस कोरबा लौट आई. इस बीच गुरुवार की सुबह गणेश बेड़ियों के साथ फिर से भाग गया और खेतों में पहुंचकर धान की फसल को बड़े आराम से खाने लगा. वहीं इस दौरान जानकारी मिलने पर मौके पहुंची वन विभाग की दो ट्रैकिंग टीम हाथी की निगरानी करने में जुटी रही. गणेश (हाथी) के गर्दन पर लगे रेडियो कॉलर से उसकी निगरानी की जा रही थी.

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पैरों में लगी जंजीरों को काटकर हाथी को जंगल में छोड़ा गया (फाइल फोटो)


रेडियो कॉलर से मिल रही लोकेशन से गणेश की हर स्थिति का पता लगाया जा रहा था. इसी क्रम में देर शाम दंतैल हाथी धरमजयगढ़ वनमंडल के करूंगा बीट के जंगलों में पहुंच गया. इसके बाद विशेषज्ञों की टीम को उसे दोबारा ट्रैंक्यूलाइज करने के लिए समय की जरूरत थी, जिसे देखते हुए उसे जंगल में ही विचरण करने देने का निर्णय लिया गया.

पैरों में लगी जंजीरों को काटकर हाथी को जंगल में छोड़ा गया
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इसके बाद शुक्रवार की सुबह करीब 4 वन विभाग की रेस्क्यू टीम दोबारा धरमजयगढ़ वनमंडल के लिए रवाना हुई. कॉलर आईडी के जरिए गणेश की लोकेशन का पता लगाया गया. इसके बाद मौके पर पहुंचने के बाद विशेषज्ञों और डॉक्टरों की टीम ने पहले गणेश को ट्रैंक्यूलाइज कर बेहोश किया. इसके बाद गणेश के पैरों में लगी जंजीरों को काटकर उसे जंगल में छोड़ दिया.

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First published: July 27, 2019, 7:38 AM IST
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