कोयला मजदूरों का देशव्‍यापी आंदोलन एक नवंबर से

Abdul Aslam | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: October 12, 2017, 11:27 PM IST
कोयला मजदूरों का देशव्‍यापी आंदोलन एक नवंबर से
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए नाथूलाल पांडेय.
Abdul Aslam | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: October 12, 2017, 11:27 PM IST
नेशनल कोल वेज एग्रीमेंट-10 (एनसीडब्ल्यूए-10) की विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर कोयला मजदूर सभा द्वारा देशव्यापी आंदोलन का शंखनाद आगामी एक नवंबर से किया जाएगा.

ये जानकारी कोयला मजदूर सभा के महामंत्री नाथूलाल पाण्डेय ने छत्‍तीसगढ़ की ऊर्जाधानी कोरबा में प्रेस क्लब तिलक भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान दी. उन्होंने कहा कि कोयला उद्योग को बुलंदियों तक ले जाने में सालों से काम कर रहे कोल कर्मियों व ठेका मजदूरों का योगदान है.

उन्‍होंने आरोप लगाया कि श्रम कानून और कोल इंडिया के स्थापित कानून का उल्लंघन साउथ ईस्‍टर्न कोलफील्‍ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) सबसे ज्यादा करती है. एसईसीएल में श्रमिक विरोधी नीतियों को लागू कर नियम-कानून को दरकिनार किया जाता है. एसईसीएल में सामूहिक सौदेबाजी होती है.

उन्होंने कहा कि एनसीडब्ल्यूए-10 में काफी विसंगतियां हैं, जिसमें मजदूर सभा ने हस्ताक्षर नहीं किए हैं. हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं. इस बैठक का मैच फिक्स था. मजदूर विरोधी निर्णय लेने के बाद केक काटकर जश्न मनाया गया. एनसीडब्ल्यूए-10 के विसंगतियों में संडे ड्यूटी बंद करना, अनुकंपा नियुक्ति बंद करना समेत अन्य मजदूर विरोधी बिन्दु शामिल हैं.

उन्होंने कहा कि रेलवे में किसी कर्मचारी के अनफिट होने पर तत्काल परिवार के आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जाती है, लेकिन एसईसीएल में अनुकंपा नियुक्ति बंद करने की मुहिम चलाई जा रही है. धीरे-धीरे अनुकंपा नियुक्ति देना बंद किया जा रहा है. लिस्ट बनाकर रोस्टर के आधार पर वैकेंसी होने पर नौकरी दी जा रही है और इसका हवाला सुप्रीम कोर्ट का दिया जा रहा है.

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First published: October 12, 2017
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