कोरबा में लूट के इरादे से की गई थी इंजीनियर की हत्या, इस तरह हुआ खुलासा
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कोरबा में लूट के इरादे से की गई थी इंजीनियर की हत्या, इस तरह हुआ खुलासा
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छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक इंजीनियर के अंधे कत्ल के मामले को पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है.

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छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक इंजीनियर के अंधे कत्ल के मामले को पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है. दो आदतन अपराधी बेदम पिटाई कर बाइक लूट लिए थे, अंदरुनी चोट लगने की वजह से घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई थी. कुछ लोगों ने इस घटना को देखा था. जांच पड़ताल के दौरान एक आरोपित को गिरफ्तार कर लूट की बाइक को जब्त कर लिया गया है, वहीं दूसरा आरोपित अभी फरार है.

कोरबा मानिकपुर चौकी क्षेत्र के दादर निवासी इंजीनियर प्रदीप भगत की खून से सनी लाश दादर शराब भट्ठी के पास 30 अप्रैल की रात मिली थी. पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पीएम करवाया. मृतक के पीएम रिपोर्ट में चिकित्सक ने हमले से मौत होने का खुलासा हुआ. इसके अलावा परिजन भी शुरू से हत्या का आरोप लगा रहे थे. इस आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी. मानिकपुर चौकी पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर पतासाजी शुरू की.

हत्या के बाद मृतक की बाइक, पर्स और मोबाइल गायब था. प्रदीप शादी का कार्ड बांटने निकला था. इस आधार पर पुलिस ने लोगों से पूछताछ शुरू की. पूछताछ में जानकारी सामने आई कि प्रदीप के साथ दादर के पास कुछ युवकों ने मारपीट किया था. पुलिस ने एक विशेष टीम गठित की. यह टीम प्रदीप की बाइक की पतासाजी कर रही थी. पतासाजी के दौरान जानकारी मिली कि सिंचाई कॉलोनी निवासी मनोज यादव उर्फ भतखऊआ, जीतू टंडन व जितेंद्र उर्फ पालू ने कालीबाड़ी मुड़ापार के पास एक मई की सुबह नौ बजे बाइक का एक्सीडेंट किया है. जिसका नंबर सीजी 12 एएम 3998 था.



बाइक में मनोज के साथ जीतू और मानिकपुर निवासी जितेंद्र उर्फ पालू पटेल भी बैठा था, पूछताछ करने पर जितेंद्र ने बताया कि एक मई की सुबह वे दोनों उसके घर आए थे. तीनों ने मिलकर पोखरी में नहाया फिर शराब का सेवन किया. उसके बाद बाइक में बैठकर जा रहे थे, इस बीच मुड़ापार के पास बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई. आसपास के लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी. पुलिस ने बाइक को जब्त कर लिया. पालू ने पुलिस को घटना की जानकारी दी.
कोरबा सीएसपी एसएस ठाकुर ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि यह बाइक प्रदीप की है. पुलिस रामपुर जाकर मनोज यादव को पूछताछ के लिए थाने ले आई. इस दौरान उसने पुलिस को बताया कि बाइक लूटने की वजह से उन्होंने प्रदीप की हत्या की थी. मनोज के अनुसार 30 अप्रैल की रात को जीतू और वह दादर स्थित शराब भट्ठी से शराब पीकर निकले, शराब दुकान के बाहर खड़ी यातायात पुलिस ने बाइक का चालान कर दिया. उनके पास घर जाने के लिए कोई साधन नहीं था. दोनों ने मिलकर योजना बनाई की किसी की बाइक लूटकर घर जाएंगे. इसी बीच प्रदीप कार्ड बांटकर घर जा रहा था.

दोनों ने उसे रोक लिया और उसके साथ जमकर मारपीट की और उससे मोबाइलफोन, पर्स और बाइक लूटकर ले गए. घटना को अंजाम देने के बाद जीतू के ससुराल रायगढ़ जाने का प्लान बनाया. दोनों उरगा थाना क्षेत्र के कुदुरमाल जीतू के गांव पहुंचे और वहां से 10 हजार रुपये उसके पिता से लिया. इसके बाद सीधे दोनों चांपा के पास एक ढाबे में जाकर शराब का सेवन किए. मनोज ने बताया कि जीतू को अत्यधिक नशा हो जाने से उठ नहीं पा रहा था. वह उसे वहीं छोड़कर वापस अपने घर आ गया. इस बीच पुलिस ने उसे पकड़ लिया और वह बच गया. पुलिस ने बताया कि जीतू व मनोज कुख्यात अपराधी हैं. उनके खिलाफ कई मामले अलग-अलग थाने में दर्ज हैं. दोनों सिंचाई कॉलोनी रामपुर में रहते हैं.
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