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किसान बगैर आधार कार्ड के भी बेच सकेंगे धान

किसान बगैर आधार कार्ड के भी बेच सकेंगे धान

फाइल फोटो : न्‍यूज़18/ईटीवी

फाइल फोटो : न्‍यूज़18/ईटीवी

छत्‍तीसगढ़ के कोरबा जिले में खरीफ वर्ष 2018 में धान बिक्री के लिए किसानों का पंजीयन शुरू हो गया है. बिना आधार कार्ड के अन्य दस्तावेजों के आधार पर भी किसान धान बिक्री के लिए पंजीयन करा सकेंगे.

छत्‍तीसगढ़ के कोरबा जिले में खरीफ वर्ष 2018 में धान बिक्री के लिए किसानों का पंजीयन शुरू हो गया है.  बिना आधार कार्ड के अन्य दस्तावेजों के आधार पर भी किसान धान बिक्री के लिए पंजीयन करा सकेंगे.

पिछले वर्ष तक धान बिक्री करने वाले किसानों को फिर से पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी. पंजीयन में आधार कार्ड की अनिवार्यता को शिथिलता दी गई है. पंजीयन की प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक
जारी रहेगी.

जिला सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी एसके जोशी ने बताया कि बीते वर्ष तक कई किसानों का आधार कार्ड नहीं होने की वजह धान बिक्री में आ रही परेशानी को देखते हुए आधार कार्ड की अनिवार्यता के नियम को शिथिल करने का निर्णय लिया गया है. किसान समितियों के माध्यम से अपना पंजीयन
करा सकते हैं. इसके लिए सभी समितियों में फार्म उपलब्ध कराए गए हैं.

वर्ष 2015 में 16 हजार किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीयन कराया था. वर्ष 2016 में पंजीयन कराने वाले किसानों में संख्‍या में 4000 की वृद्धि हुई. अब तक पंजीकृत किसानों की संख्‍या 20 हजार 626 है. पंजीकृत किसानों की संख्‍या में इस वर्ष भी बढ़ोतरी की संभावना है.

विभागीय अधिकारियों की मानें तो जमीन संबंधी विवाद के कारण वास्तविक नाम सामने नहीं आने से पंजीकृत किसान कम थे. राजस्व मामलों के निराकृत होने के चलते कृषि भूमि के पंजीयन में वृद्धि हुई है.

पूर्व से पंजीकृत जिन किसानों ने अतिरिक्त जमीन खरीदी है, उन्हें रकबा बढ़ने की सूचना तहसील
कार्यालय में देनी होगी. पंजीयन रिकॉर्ड में रकबा दर्ज होने के बाद ही किसान अतिरिक्त रकबा की उपज बेच सकेंगे. पूर्व वर्षों की तरह इस वर्ष भी प्रति एकड़ जमीन पर 15 क्विंटल खरीदी की संभावना व्यक्त की जा रही है.

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