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कोरबा: लापरवाही पूर्वक इलाज करने के मामले में डॉक्टर दोषी करार

कोरबा: लापरवाही पूर्वक इलाज करने के मामले में डॉक्टर दोषी करार

सांकेतिक चित्र.

सांकेतिक चित्र.

छत्तीसगढ़ के कोरबा में लापरवाही पूर्वक इलाज की वजह से 12 साल पहले दो बच्चों की मौत हो गई थी.

छत्तीसगढ़ के कोरबा में लापरवाही पूर्वक इलाज की वजह से 12 साल पहले दो बच्चों की मौत हो गई थी. इस मामले में कोर्ट ने अपना फैसला बरकरार रखते हुए बीते गुरुवार को महत्वपूर्ण सुनवाई की. इसके बाद कोरबा के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक माखीजा को पुलिस ने गिरफ्तार कर जिला जेल दाखिल कर दिया. यह फैसला न्यायाधीश योगेश पारिख के विशेष (जेएमएफसी) कोर्ट ने सुनाया है. फैसले के बाद गुरुवार की देर शाम डॉ. माखीजा को जेल दाखिल किया गया.

बता दें कि पिछले फरवरी माह में डॉ. माखीजा व एक अन्य पर कोर्ट ने एक-एक हजार रुपये जुर्माना आरोपित करते हुए छह-छह माह की सजा सुनाई थी. इस पूरे प्रकरण के दो आरोपी डॉ. माखीजा और एक अन्य मनीराम लहरे जमानत पर चल रहे थे. पीड़ित पक्ष ने इनकी जमानत को चुनौती दी थी, जिस पर बहुप्रतीक्षित फैसला आया.

दरअसल उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम तिलकेजा के महेश राम कुर्रे की बहू पुष्पलता कुर्रे 11 साल पहले 27 अक्टूबर 2006 को अपनी जेठानी बुधवारा बाई के साथ अपने दो बच्चे उमाशंकर और गौरीशंकर को लेकर खुजली का इलाज कराने तिलेकजा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गई थी. स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. अशोक मखीजा थे, जिन्होंने पुष्पलता के दोनों बच्चों का निरीक्षण कर इंजेक्शन लगाने को मनीराम व निरंजन को दिया था. निरजंन ड्रेसर था, लेकिन मनीराम स्वास्थ्य कर्मी नहीं होने के बाद भी डॉ. मखीजा के अनुमति से वहां काम करता था.

हेल्थ सेंटर में इंजेक्शन लगने के बाद दोनों बच्चों की मौत हो गई थी. बच्चों की बड़ी मां बुधवारा बाई व मोहन भी बुखार के इलाज के लिए गए थे. हेल्थ सेंटर में उस समय इंजेक्शन लगने से उनकी स्थिति भी गंभीर हो गई थी, उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जो इलाज के बाद स्वस्थ हो गए थे. मामले में पुलिस ने मनीराम लहरे व निरंजन के खिलाफ धारा 304 ए भादवि का जुर्म दर्ज किया था.

मामले का चालान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के कोर्ट में पेश किया गया था. तत्कालिन मजिस्ट्रेट संध्या रात्रे ने प्रकरण की कार्रवाई के दौरान 6 अगस्त 2012 को अपने आदेश के माध्यम से डॉ. अशोक माखीजा को प्रकरण का मुख्य आरोपी मानते हुए प्रकरण में शामिल किया. हालांकि इस बीच आरोपी निरंजन की मौत होने से उसका नाम प्रकरण से विलोपित कर दिया गया. मजिस्ट्रेट संध्या रात्रे के तबादले के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी बृजेश राय के कोर्ट में प्रकरण की आगे सुनवाई पूरी हुई थी.

Tags: Chhattisgarh news, Korba news

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