साक्षरता मिशन : 15 साल में कोरबा जिले का एक भी गांव पूर्ण साक्षर नहीं

Abdul Aslam | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: August 14, 2017, 12:05 AM IST
साक्षरता मिशन : 15 साल में कोरबा जिले का एक भी गांव पूर्ण साक्षर नहीं
साक्षरता मिशन की एक कक्षा.
Abdul Aslam | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: August 14, 2017, 12:05 AM IST
छत्‍तीसगढ़ के कोरबा जिले में साक्षरता मिशन से साक्षर भारत अभियान के 15 वर्ष बीतने के बाद भी जिले के एक भी गांव को पूर्ण साक्षर ग्राम घोषित नहीं किया जा सका है.

वर्ष 2011 की आर्थिक-सामाजिक जनगणना के अनुसार कोरबा जिले में कुल असाक्षरों की संख्या 2 लाख 2016 थी, जिनमें 85 फीसदी असाक्षरों को साक्षर करने का दावा विभाग से किया जा रहा है. 30 हजार असाक्षर अब भी अस्तित्व में हैं. आगामी 20 अगस्त को नवसाक्षरों की परीक्षा आयोजित की जा रही है,  जिसमें 9 हजार 423 नवाक्षरों को शामिल किया जाएगा.

प्रति वर्ष लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी योजना को मूर्तरूप दिए जाने में महज आंकड़ों का खेल चल रहा है. विभाग से 180 पंचायतों को पूर्ण साक्षर ग्राम घोषित करने की कवायद शुरू की गई थी. एक साथ सैकड़ों गांव को पूर्ण साक्षर बनाने के फेर में एक भी गांव में सफलता नहीं मिली है.

असाक्षरों को शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ने जिले में 352 लोक साक्षरता केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां दो प्रेरकों की नियुक्ति की गई है. साक्षरता अभियान को मूर्तरूप दिए जाने के लिए कई गांव के लोक साक्षरता केंद्र को हाईटेक भी किया गया था.

सक्रियता के अभाव में अब तक आधिकारिक तौर पर एक भी गांव को पूर्ण साक्षर नहीं किया जा सका है. इसके पीछे विभाग की दलील है कि साक्षर गांव बनाने में कई तरह की विसंगतियां है, जिनमें निःशक्त, गंभीर बीमार व अधिक उम्रदराज लोगों को शामिल किया जाना संभव नहीं होता है.
First published: August 14, 2017
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