Chhattisgarh : बलात्कार से नाबालिग हुई गर्भवती, सदमे से पिता की मौत, मुलजिम गिरफ्तार
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Chhattisgarh : बलात्कार से नाबालिग हुई गर्भवती, सदमे से पिता की मौत, मुलजिम गिरफ्तार
पीड़िता के गर्भवती होने पर वारदात का पता चला. (सांकेतिक तस्वीर)

किशोरी को आरोपी बहला-फुसलाकर खेतों में ले जाया करता था और दुष्कर्म को अंजाम देता था. पीड़िता के गर्भवती होने पर इस वारदात का खुलासा हुआ. दो वर्ष पहले पीड़िता की मां का निधन हो गया था.

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कोरबा : कटघोरा क्षेत्र में एक नाबालिग के साथ सिलसिलेवार अनाचार (Rape) को अंजाम दिया जा रहा था, जिससे पीड़िता गर्भवती (Pregnant) हो गई. जब इस बात की जानकारी परिजनों को हुई तो सदमे से पीड़िता के पिता की मौत हो गई. मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल अफेंसेस एक्ट 2012 (पाक्सो एक्ट/pocso act) के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर उसे गिरफ्तार (Arrest) कर लिया है.

वारदात के बाद पिता की मौत

कटघोरा थाना क्षेत्र की रहनेवाली किशोरी को आरोपी बहला-फुसलाकर खेतों में ले जाया करता था और दुष्कर्म को अंजाम देता था. पीड़िता के गर्भवती होने पर इस वारदात का खुलासा हुआ. दो वर्ष पहले पीड़िता की मां का निधन हो गया था. पिता व भाई रोजी-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे. किशोरी भी घरों में झाडू-पोछा करती है. इस मामले का खुलासा लगभग एक महीने पहले हुआ था. तब उस दौरान सदमे में पिता की तबीयत बिगड़ गई. उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जहां 8-9 जून की दरम्यानी रात उनकी मौत हो गई. पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है.



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सीडब्ल्यूसी ने दिखाई गंभीरता

इस संवेदनशील मामले में बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष मधु पांडेय ने कटघोरा के थाना प्रभारी अविनाश सिंह से चर्चा की और इस सम्बंध में विवेचना शुरू कर बालिका को फौरन कोरबा भेजने का निर्देश दिया. किशोरी को कोरबा भेजा गया जहां उसकी काउंसलिंग कराई गई. उसके बाद उसने आरोपी का नाम उजागर किया. बयान में विरोधाभास न हो इसलिए धारा 164 के तहत भी पीड़िता का बयान कलमबद्ध किया गया.

पुलिस गिरफ़्त में आरोपी

सभी बयानों के मद्देनजर सीडब्ल्यूसी ने भी एक प्रतिवेदन कटघोरा पुलिस को प्रेषित किया, जिसपर कार्रवाई करते हुए तत्काल आरोपी को उसके घर से दबोच लिया गया. कड़ाई से हुई पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से ज्यूडिशियल कस्टडी में जेल भेज दिया गया.

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डॉक्टरों की सलाह पर फैसला

बाल कल्याण समिति की प्रमुख मधु पांडेय ने बताया है कि किशोरी का इलाज जारी है. चिकित्सकों की सलाह के बाद आगे फैसला किया जाएगा. उनका मानना है कि उनकी प्राथमिकता बच्ची को सुरक्षित रखना ही है. इसके लिए वह डॉक्टर्स से लगातार संपर्क में हैं. फिलहाल वह कल्याण समिति के शेल्टर रूम में है और स्वस्थ है. श्रीमती पांडेय के मुताबिक, चूंकि बच्ची के पालकों का निधन हो चुका है, लिहाजा वह आगे भी उसकी देखरेख की समुचित व्यवस्था करेंगी.
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