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पौधे भी पहनते हैं जींस, बच्चों ने की दोस्ती, देते हैं दाना-पानी, पढ़े- प्रेम की दिलचस्प कहानी

कोरबा के शासकीय स्कूल में पौधों को जींस पहनाया गया है.

कोरबा के शासकीय स्कूल में पौधों को जींस पहनाया गया है.

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला मुख्यालय से 35 किलो मीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत माखुरपानी का आश्रित गांव गढ़कटरा है. यहां के शासकीय प्राथमिक शाला ऐसा है, जहां बच्चे प्रकृति का मोल समझते हैं. उन्हें पता है मानव जीवन के लिए पेड़ पौधे कितने जरूरी हैं. इसलिए कबाड़ से जुगाड़ बनाकर पौधों को दोस्त बना लिया है. जींस पहने पौधे इनके पास बैठते हैं, ये अपना मिड डे मील, दोस्त बने पौधों के साथ खाते हैं और पानी और खाद का बराबर ख्याल रखते हैं.

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कोरबा. छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के ग्राम पंचायत माखुरपानी का आश्रित गांव गढ़कटरा के शासकीय स्कूल की चर्चा इन दिनों खूब हो रही है. स्कूल में पौधों को सुरक्षित रखने और बेकार चीजों के क्रिएटिव इस्तेमाल की ये पहल की गई है. शहरी इलाके से दूर पहाड़ों में बसे गांव गढ़कटरा के सरकारी के स्कूल के इन बच्चों ने पुरानी जींस को पौधों का गमला बना लिया है. दूर से देखने पर लगता है पौधे इंसानों की तरह टांग मोड़कर बेंच पर बैठे हों. देखने में आकर्षक लगने वाला ये प्रयोग बच्चों को भा रहा है.

इस स्कूल के  सहायक शिक्षक श्रीकांत सिंह ने बताया कि इंटरनेट से उन्हें आइडिया मिला, उन्होंने अपनी पुरानी जींस के भीतर मिट्टी डाली और पौधे लगाए. बच्चों को भी इसे तैयार करना सिखाया गया. बच्चे भी अपने घरों से जींस लेकर आए और स्कूल का गार्डन दिलचस्प अंदाज में सजा दिया. श्रीकांत सिंह  ने बताया की  इसे स्कूल में नो बैग डे के दिन बच्चों ने किया और उन्हें बेहद मजा आया. इस एक्टिविटी से बच्चों को मजा तो आया ही उन्हें पर्यावरण से लगाव होता है. पेड़-पौधों की देखभाल करना सीखते हैं, जींस से बने यूनीक गमले पूरी तरह जीरो इन्वेस्टमेंट पर आधारित हैं.

फटे जींस का इस्तेमाल
श्रीकांत सिंह ने बताया कि हमारे पास बहुत से फटे और साइज में बड़े कपड़े बचे थे. इन्हीं कपड़ों को हमने गमलों का रूप दिया है. पैंट के निचले भाग में रेत तो ऊपरी भाग में खाद मिट्टी भरकर पौधे लगाए गए हैं. इस तरह  कुल 11  गमले तैयार किए गए है जिनकी देखभाल बच्चे खुद करते हैं. पानी नियमित डालते हैं. पर्यावरण के प्रति जागरूक हो रहे हैं. सहायक शिक्षक श्रीकांत सिंह और अजय कुमार कोशले को नवाचार के लिए कई पुरुस्कार मिल चूका है. सहायक शिक्षक अजय कुमार कोशले ने बताया की स्कूल में कुल दर्ज संख्या 34 है. स्कूल में ब्लैक बोर्ड टेबल कुर्सी,लाइब्रेरी,स्कूल की दीवारों में जानकारी लिखी गई है. स्कूल के बच्चे पढ़ाई के साथ उत्सुकता के साथ पर्यावरण के प्रति स्कूल को सुंदर बनाने में सहयोग कर रहे हैं.

Tags: Chhattisgarh news, Korba news

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