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22 फरवरी को 'सिपेट' की दूसरी यूनिट का उद्घाटन, प्लास्टिक उद्योग का मिलेगा प्रशिक्षण

पी. के. साहू,  प्रधान निदेशक, सिपेट

पी. के. साहू, प्रधान निदेशक, सिपेट

कटघोरा ब्लॉक के स्याहीमुड़ी स्थित एजुकेशन हब भवन के 18 एकड़ हिस्से में सिपेट का संचालन होगा. रसायन और मशीनरी विभाग के केंद्रीय मंत्री डी. वी. सदानंद गौड़ा 22 फरवरी को दोपहर 1 बजे सिपेट का उद्घाटन करेंगे.

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छत्तीसगढ़ में सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग (सिपेट) के माध्यम से राज्य भर के 3 हजार युवाओं को 2 साल के अंदर रोजगार मिल चुका है. सिपेट से 20 हजार से ज्यादा युवा मार्गदर्शन प्राप्त कर चुके हैं. कोरबा में प्लास्टिक उद्योग की असीम संभावना है. सिपेट की कोरबा इकाई में युवाओं को प्लास्टिक उद्योग से संबंधित प्रशिक्षण प्राप्त होगा.

बहरहाल, इसी क्रम में कौशल विकास के तहत इन्हें रोजगार से जोड़ा जाएगा. बता दें कि कटघोरा ब्लॉक के स्याहीमुड़ी स्थित एजुकेशन हब भवन के 18 एकड़ हिस्से में सिपेट का संचालन होगा. रसायन और मशीनरी विभाग के केंद्रीय मंत्री डी. वी. सदानंद गौड़ा 22 फरवरी को दोपहर 1 बजे सिपेट का उद्घाटन करेंगे.

इस मौके पर मंत्री उमेश पटेल, राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल, सांसद डॉ. बंशीलाल महतो मौजूद रहेंगे. ये जानकारी प्रेस क्लब तिलक भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान प्रमुख निदेशक पी. के. साहू ने दी. उन्होंने ने बताया कि पिछले 50 साल से सिपेट राष्ट्रीय स्तर पर कार्यशील है. इसके माध्यम से युवाओं को प्लास्टिक उद्योग से संबंधित तकनीकी प्रशिक्षण देने के साथ रोजगार से जोड़ने का काम किया जा रहा है.



छत्तीसगढ़ में वर्ष 2016 में सिपेट का पहला यूनिट प्रारंभ हुआ था. कोरबा में खुल रही सिपेट की यह दूसरी यूनिट है. उन्होंने ने बताया कि भारत सरकार के केंद्रीय विभाग द्वारा सिपेट का संचालन होगा. यहां पर शुरुआती स्तर पर डिप्लोमा कोर्स चलाए जाएंगे. 80 फीसदी स्थान स्थानीय लोगों को प्राप्त होंगे जबकि शेष 20 फीसदी स्थान पूरे भारत के युवाओं के लिए होंगे.
अल्पावधि वाले डिप्लोमा कोर्स के लिए कौशल विकास हेतु न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं उत्तीर्ण रखी गई है. जानकारी दी गई है कि सिपेट रायपुर ने पिछले दो वर्षों में 3000 युवाओं को रोजगार प्रदान किया है, जबकि नक्सल क्षेत्र के 20 हजार युवाओं को मार्गदर्शन देने में भूमिका निभाई है.

प्रमुख निदेशक साहू ने जानकारी दी है कि छत्तीसगढ़ और अन्य क्षेत्रों में स्थापित प्लास्टिक उद्योगों में प्रशिक्षित युवाओं को प्लेसमेंट प्राप्त हो सके. यह कोशिश सिपेट की होगी. यहां प्लास्टिक से संबंधित सभी तरह के कार्यों की प्रक्रिया को प्रवेश लेने वाले युवा बेहतर ढंग से सीख समझ सकेंगे. देश भर में संचालित सिपेट की 32 इकाइयां लगातार युवाओं को कौशल विकास के मामले में दक्ष करने में लगी हुई हैं. स्पष्ट किया गया कि सिपेट कोरबा में शुरुआती पाठ्यक्रम के बाद त्रिवर्षीय डिग्री कोर्स संचालित करने के लिए अग्रिम रूप से सरकार के पास आवेदन कर दिया गया है. प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद यह कोर्स प्रारंभ होगा. मैकेनिकल क्षेत्र में इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त कर चुके युवाओं को अपग्रेड होने के लिए यहां से लाभ मिलेगा और वे भविष्य को लेकर नई संभावनाएं तलाश सकेंगे.

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