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कोरबा: भाजपा नेता का वोटिंग करते वीडियो वायरल, थाने में रिपोर्ट दर्ज

Abdul Aslam | News18 Chhattisgarh
Updated: November 22, 2018, 6:54 PM IST
कोरबा: भाजपा नेता का वोटिंग करते वीडियो वायरल, थाने में रिपोर्ट दर्ज
Demo Pic.

भाजपा नेता ने वोटिंग करते समय बकायदा मोबाइल से अपना वीडियो बनाया. फिर उस वीडियो को सोशल मीडिया में वायरल कर दिया. मामला सामने आने के बाद मतदान केन्द्र के पीठासीन अधिकारी ने भाजपा नेता के खिलाफ मानिकपुर चौकी में रिपोर्ट दर्ज करा दी है.

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छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के दौरान निर्वाचन आयोग द्वारा मोबाइल और इलेक्ट्रानिक उपकरणों को मतदान केन्द्रों में प्रतिबंधित किया गया था. मतदान केन्द्रों में इसके उपयोग पर पाबंदी के बाद भी नियम का उल्लघंन करने वालों के खिलाफ तीन साल की कैद का प्रावधान किया गया है. इसके बावजूद एक भाजपा नेता ने वोटिंग करते समय बकायदा मोबाइल से अपना वीडियो बनाया. फिर उस वीडियो को सोशल मीडिया में वायरल कर दिया. मामला सामने आने के बाद मतदान केन्द्र के पीठासीन अधिकारी ने भाजपा नेता के खिलाफ मानिकपुर चौकी में रिपोर्ट दर्ज करा दी है.

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मिली जानकारी के अनुसार विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 21 के मतदान केन्द्र क्रमांक 154 सेंट विसेंट पालोटी स्कूल के कक्षा क्रमांक 2 आरएसएस नगर में भाजपा नेता प्रवीण रत्नपारखी मोबाइल लेकर मतदान करने पहुंचा था. नेता ने वोटिंग करते समय अपने मोबाइल से वीडियो बनाया फिर उस वीडियो को सोशल मीडिया में वायरल कर दिया. मामला उजागर होते ही मतदान केन्द्र के पीठासीन अधिकारी कटघोरा टिगापुर निवासी देवकुमार नागदेव ने मानिकपुर चौकी में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई. मानिकपुर चौकी प्रभारी राजेश चंद्रवंशी ने बताया कि प्रवीण रत्नपारखी के खिलाफ धारा 188 के तहत अपराध दर्ज किया गया है.

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गौरतलब हो कि भाजपा नेता प्रवीण रत्नपारखी के अलावा ऐसे कई लोगों का वीडियो वायरल हुआ है जिन्होंने वोटिंग करते समय मोबाइल से रिकॉर्डिंग की. एक वीडियो में निर्दलीय प्रत्याशी विशाल केलकर भी वोट डालते हुए दिखाई दे रहे है. वीडियो को विशाल केलकर के समर्थक अनिल द्विवेदी ने विभिन्न वाट्सएप ग्रुप में वायरल किया. इस मामले में अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है. अब देखनी वाली बात होगी कि क्या इस मामले में भी संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती है या नहीं.

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मतदान केन्द्रों में मोबाइल और इलेक्ट्रानिक उपकरण पर बैन था. मगर इसकी जांच में तैनात जवान और अधिकारियों द्वारा कोताही बरती गई. लिहाजा मतदाता मोबाइल लेकर केन्द्र में प्रवेश कर गए, जिसमें से कई लोगों ने वोटिंग करते समय अपना वीडियो भी बना लिया. इसके अलावा कलेक्टर मो. कैसर अब्दुल हक की पत्नी हिना हक का भी एक फोटो सोशल मिडिया में वायरल हुआ है, जिसमें मतदान केन्द्र के भीतर उनके हाथों में मोबाइल फोन नजर आ रहा है. मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बैन के मामले में संबंधित कर्मियों द्वारा जांच नहीं किया जाना नियम उल्लंघन का बड़ा कारण माना जा रहा है.(ये भी पढ़ें:20 साल बाद भी नहीं दिया रिजल्ट, हाईकोर्ट ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी पर लगाया जुर्माना)

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First published: November 22, 2018, 6:12 PM IST
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