कोयला खदान बंद करने के विरोध में श्रमिकों का आंदोलन

आंदोलन करते हुए कोयला खदान श्रमिक.

चिरमिरी स्थित साउथ ईस्‍टर्न कोलफील्‍ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की एनसीपीएच कोलियरी आर-2 माइंस को बंद करने के विरोध में श्रमिकों ने आंदोलन शुरू कर दिया है.

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छत्‍तीसगढ़ में कोरिया जिले के चिरमिरी स्थित साउथ ईस्‍टर्न कोलफील्‍ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की एनसीपीएच कोलियरी आर-2 माइंस को प्रबंधन ने बंद करने का निर्णय लिया है. प्रबंधन ने 225 कर्मचारियों को बैकुंठपुर एरिया में भेजने का आदेश जारी कर दिया है. इस निर्णय के विरोध में श्रमिकों ने आंदोलन शुरू कर दिया है.

आपको बता दें कि चिरमिरी एसईसीएल क्षेत्रीय एनसीपीएच कोलियरी की आर-2 माइंस के अचानक बंद होने से कर्मचारियों में हड़कंप सा मच गया है. सभी कर्मचारी माइंस के बाहर मजदूर एकता जिंदाबाद, इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं. इस माइंस में 272 मजदूर कार्यरत हैं. इनमें से बैकुंठपुर एरिया कीकटगोड़ी माइंस में 225 मजदूरों का तबादला अचानक बिना किसी सूचना के कर दिया गया है. वहीं ट्रांसफर लिस्ट में अमीर शाह और भागबली दो ऐसे मजदूर हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है. कुछ ऐसे मजदूर हैं, जो दिल की बीमारी से ग्रसित हैं. उनका उपचार अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर में चलता है.

वहीं इस मामले में चिरमिरी एसईसीएल सुरक्षा अधिकारी यूएस गेदाम का कहना है कि जेसीसी मेंबर बैठक में चर्चा होने के बाद मैनेजमेंट ने आदेश दिया है चिरमिरी क्षेत्र की एनसीपीएच कोलियरी आर-2 माइंस घाटे में चल रही थी, इसलिए माइंस को बंद कर जाए. एसईसीएल बैकुंठपुर में 225 मजदूरों को ट्रांसफर किया गया है.

चिरमिरी क्षेत्र में धीरे-धीरे कोयला खदानें बंद होती जा रही हैं. इससे क्षेत्र की जनता भी नाराज है, वहीं अचानक स्थानांतरण आदेश से मजदूरों में आक्रोश बना हुआ है. श्रमिक नेताओं का कहना है कि माइंस में अभी इतना कोयला है कि वह दो साल और चल सकती थी. मैनेजमेंट खदान को अकारण बंद कर रहा है.

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