पत्नी द्वारा पति का अंतिम संस्कार करने पर दस साल से बहि​ष्कृत है ये परिवार
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पत्नी द्वारा पति का अंतिम संस्कार करने पर दस साल से बहि​ष्कृत है ये परिवार
कोरिया में बहिष्कृत साहू परिवार.

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के सागरपुर में रहने वाला एक परिवार एक ऐसी पीड़ा को बीते 10 वर्षों से झेल रहा है.

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हमारे समाज ने कितनी तरक्की कर ली है, हम कितना आगे बढ़ गये हैं, लेकिन आज भी कुछ ऐसे लोग हैं जो पुरानी रुढ़ियों और परंपराओं की गठरी सिर पर उठाये घूम रहे हैं. छत्तीसगढ़ के कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के सागरपुर में रहने वाला एक परिवार एक ऐसी पीड़ा को बीते 10 वर्षों से झेल रहा है.

इस पीड़ा की वजह सिर्फ इतनी है कि घर में बेटा न होने के कारण मृतक की पत्नी ने अपने स्वर्गीय पति का हिन्दू रीति रिवाज के साथ अंतिम संस्कार कर दिया. इसी वजह से समाज के लोगों ने परिवार का पिछले 10 वर्षों से बहिष्कार कर रखा है.

बैकुंठपुर के सागरपुर में रहने वाले संतोष साहू के नाना का 10 साल पहले निधन हो गया था. घर में बेटा न होने के कारण बुजुर्ग महिला ने अपने पति का अग्रि संस्कार किया. पति के अंतिम संस्कार के दसवें दिन दशगात्र व चंदनपान का कार्यक्रम आयोजित किया गया और सभी लोगों के लिये संतोष साहू के परिवार द्वारा भोजन बनवा लिया गया, सारी व्यवस्थाएं कर ली गईं.



फिर ऐन मौके पर पूरे समाज के लोगों ने यह कहते हुए इस परिवार का बहिष्कार कर दिया कि हमारे समाज में ऐसा नही होता है कि कोई महिला अंतिम संस्कार करे, लेकिन अगर महिला ने अंतिम संस्कार कर दिया है तो समाज में मिलाने के लिये पांच हजार रुपये और जमीन देनी होगी. जब परिवार के लोगों ने जमीन देने से मना कर दिया तो तब से संतोष साहू के परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया.



नाना की मौत के दो वर्षो बाद संतोष के पिता महिपाल साहू की भी मौत हो गई. उस दौरान भी पीड़ित परिजनों ने समाज के लोगों से दशकर्म व चंदनपान में शामिल होने का अनुरोध किया, लेकिन गांव का कोई भी व्यक्ति इस परिवार के आयोजन में शामिल नही हुआ. तब किसी प्रकार अपने परिजनों के साथ मिलकर संतोष ने अपने पिता का अंतिम संस्कार किया.

अभी बीते दिनों संतोष की नानी जयमनिया बाई का निधन हो गया. समाज के लोगों से बार बार अनुरोध करने के बाद भी साहू समाज के लोग अंतिम संस्कार में शामिल नही हुये.

संतोष साहू ने बताया कि बहिष्कार के चलते चार भाई बहनों का विवाह अभी तक नही हो पाया है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब इस परिवार को न्याय मिलेगा. हालांकि मामले की शिकायत पुलिस से की गई है.
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