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महासमुंद के इस गांव में दो वर्ष में किडनी खराब होने से 7 मरे, कलेक्टर ने लिया अब संज्ञान

Manohar Singh Rajput | News18 Chhattisgarh
Updated: April 8, 2018, 8:47 AM IST
महासमुंद के इस गांव में दो वर्ष में किडनी खराब होने से 7 मरे, कलेक्टर ने लिया अब संज्ञान
किडनी के मरीज का हालचाल लेते अधिकारी

छत्तीसगढ़ में महासमुंद जिला के कोना गांव में किडनी की बीमारी के प्रसार के मामले को कलेक्टर ने संज्ञान में ले लिया है.

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छत्तीसगढ़ में महासमुंद जिला के कोना गांव में किडनी की बीमारी के प्रसार के मामले को कलेक्टर ने संज्ञान में ले लिया है. महासमुंद के कलेक्टर हिमशिखर गुप्ता ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को तलब किया जिसके बाद अधिकारियों की टीम गांव मरीज का हालचाल लेने पहुंची. ​कलेक्टर और विभाग के अधिकारियों ने किडनी के मरीजों की खोजखबर न्यूज 18 छत्तीसगढ़ चैनल पर खबर दिखाए जाने के बाद लेनी शुरू ​की.

पानी का सैंपल लिया जा रहा है

स्वास्थ्य विभाग और पीएचई विभाग के अधिकारी कर्मचारी गांव पहुंचकर लोगों से पूछ परख में लग गई. पीएचई विभाग ने गांव में लगे बोर के पानी का सैंपल लिया जिसे परीक्षण के लिए एनआईटी लैब भेजा गया है. वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम घर घर जाकर बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य की जांच कर रही है. विभाग ने लोगों को बीमारी के अनुरूप दवाई का वितरण भी किया.

किडनी की बीमारी से दो साल में सात की मौत

गौरतलब है कि कोना गांव में पिछले 6-7 साल में कई लोगों को किडनी की बीमारी हुई है. बीते 2 साल के भीतर 7 लोगों की मौत भी हो चुकी है. हालांकि इसके बावजूद भी प्रशासनिक अमला तो दूर सुराज में किसी जनप्रतिनिधि ने भी इन लोगों की सुध नहीं ली.

गौरतलब है कि इस गांव की आबादी 630 की है. इस गांव में एक ही नलकूप है और जिसके पानी में फ्लोराइड की मात्रा बहुत ज्यादा है. यही वजह है कि बच्चों के दांत में फ्लोरोसिस की मात्रा पाई गई है.

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First published: April 8, 2018, 8:41 AM IST
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