महासमुंद: नियमों को ताक पर रख जारी है पीडीएस के राशन वितरण में अधिकारियों की मनमानी

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार पीडीएस योजना के तहत प्रत्येक राशन कार्ड के हिसाब हर शख़्स को राशन देने की नीति लेकर आई है लेकिन महासमुंद में राशन की दुकानों में गड़बड़ी धल्ले से चल रही है.

Manohar Singh Rajput | News18 Chhattisgarh
Updated: June 19, 2019, 10:42 AM IST
Manohar Singh Rajput
Manohar Singh Rajput | News18 Chhattisgarh
Updated: June 19, 2019, 10:42 AM IST
सरकारे दावे तो बहुत करती है पर उन दावों की हकीकत कुछ और ही होती है. छत्तीसगढ़ सरकार भी खाद्यान योजना के तहत हर गरीब परिवार को राशन देने का दावा तो करती है पर हकीकत इससे कोसों दूर है. नई सरकार ने पीडीएस नीति में बदलाव करते हुए राशन कार्ड धारी हर शख़्स तक बराबर राशन पहुंचाने का प्रस्ताव कैबिनेट में पारित भी किया, लेकिन PDS में राशन के बंदरबाट का खेल, खाद्य विभाग की नाक के नीचे आज भी धड़ल्ले से चला रहा है.

क्या है PDS में गड़बड़ी के कारण:

  •  PDS में 'हाइटेक सिस्टम' से भी नहीं सुधरे हालात


  • कारगर नहीं है 'ऑनलाइन एंट्री सिस्टम'

  • कहीं नेटवर्क की कमी, तो कहीं सर्वर ठप

  • 'मारफो सिस्टम' भी 577 में से 185 दुकान में लगा

  • अधिकारी एक-दूसरे के पाले में डाल रहे हैं गेंद


छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार पीडीएस योजना के तहत प्रत्येक राशन कार्ड के हिसाब हर शख़्स को राशन देने की नीति लेकर आई है लेकिन महासमुंद में राशन की दुकानों में गड़बड़ी धल्ले से चल रही है. महासमुंद में कुल 577 राशन दुकान संचालित हैं. जिसमें 31 शहरी और 546 दुकान ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हैं. हर महीने 78 हजार क्विंटल राशन की खपत होती है.. हेराफेरी से बचाने के लिए सभी दुकानों में ऑनलाइन एंट्री की सुविधा दी है. लेकिन कहीं नेटवर्क की कमी, तो कहीं सर्वर ठप है. फिंगर प्रिंट मैच करने के लिए विभाग मारफो सिस्टम लेकर आया है. लेकिन वो भी जिले के 577 दुकानों में से महज 185 में ही लग पाया है.

अधिकारी सिस्टम में गड़बड़ी के लिए एक-दूसरे के सिर पर ठीकरा फोड़ रहे हैं. देखना यह है कि राशन दुकानों में चल रहे इस खेल को रोकने के लिए, सूबे की नई सरकार कोई पहल कर पाती है या फिर गरीबों के हक पर डाका डालने का यह खेल ऐसे ही चलता रहेगा.

ये भी पढ़ें:
PHOTOS: देखिए, इन राज्यों में पानी के संकट की भयावह तस्वीरें

छत्तीसगढ़ में मजबूत विपक्ष की भूमिका निभा पाएगी बीजेपी?
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...