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COVID-19: महासमुंद के सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं के आने पर प्रतिबंध, पुजारी करेंगे पूजा
Mahasamund News in Hindi

News18 Chhattisgarh
Updated: March 24, 2020, 2:35 PM IST
COVID-19: महासमुंद के सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं के आने पर प्रतिबंध, पुजारी करेंगे पूजा
कोरोना वायरस से एहतियात के तौर पर एक बड़ा फैसला लिया गया है.

साथ ही देवी मंदिरों में जलने वाले ज्योति कलश में भी माई ज्योति जलाई जाएगी और भक्तों के द्वारा जलाया जाने वाला मनोकामना ज्योति कलश पर भी मंदिर समितियों ने प्रतिबंध लगाया है.

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महासमुंद. देश सहित पूरे प्रदेशभर में कोरोना को लेकर अलर्ट है. इसे देखते हुए नवरात्र पर्व में भी कोरोना वायरस को लेकर एहतियात बरती जा रही है. महासमुंद जिले में भी एहतियात के तौर पर धारा 144 जिलेभर में लागू है. जिले की सुरक्षा के मद्देनजर लॉक डाउन किया गया है. साथ ही नवरात्र के इन दिनों में जहां जिले के छोटे बड़े मंदिरों को सेनेटराइज किया जा रहा है. वहीं इस बार नवरात्र के इन नौ दिनों में भीड़ को ध्यान में रखकर भक्तों के लिए मंदिरों के पट बंद रहेंगे. जिले के किसी भी मंदिर में भक्तों का प्रवेश वर्जित रहेगा. केवल मंदिर समिति के सदस्य और पुजारी ही देवी मंदिरों में पूजा पाठ करेंगे. साथ ही देवी मंदिरों में जलने वाले ज्योति कलश में भी माई ज्योति जलाई जाएगी और भक्तों के द्वारा जलाया जाने वाला मनोकामना ज्योति कलश पर भी मंदिर समितियों ने प्रतिबंध लगाया है.

आपको बता दें कि 25 मार्च से चैत्र नवरात्र की शुरूआत हो रही है. दोनों ही नवरात्रि में महासमुंद जिले के मां महामाया मंदिर, बिरकोनी की मां चंडी मंदिर, खल्लारी की मां खल्लारी मंदिर और बागबाहरा के घुंचापाली चंडी मंदिर में समितियों ने नवरात्र की तैयारी पूरी कर ली है. घुंचापाली चंडी मंदीर समिति बागबाहरा के सचिव दानवीर शर्मा ने बताया कि कोरोना वायरस को लेकर सुरक्षा के मद्देनजर समितियों और प्रशासन ने संयुक्त बैठक की गई है जिसमें भक्तों के दर्शन, आम भंडारा, महा-आरती, मेला-मढ़ई में लोगों की होने वाली भीड़ को देखते हुए इन्हें बंद करने का फैसला लिया है. उन्होंने कहा कि मंदिर समिति ने खुद आगे बढ़कर प्रशासन का साथ दिया है.

एसडीएम महासमुंद सुनील कुमार चंद्रवंशी का कहना है कि जिले के प्रसिद्ध मंदिरों में हजारों के तादात में श्रद्धालुओं की भीड़ नवरात्र में देखी जाती थी.




एसडीएम महासमुंद सुनील कुमार चंद्रवंशी का कहना है कि जिले के प्रसिद्ध मंदिरों में हजारों के तादात में श्रद्धालुओं की भीड़ नवरात्र में देखी जाती थी. जिले के अलावा प्रदेश के अन्य जिलों और पड़ोसी राज्यों से भी दर्शन करने श्रद्धालु माता के मंदिर पहुंचते थे जिसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है ताकि सभी एकजुट होकर कोरोना को भगाने की लड़ाई लड़ सकें.



चैत्र नवरात्र में जलाए जाते है मनोकामना ज्योति कलश
जिले के मां महामाया मंदिर, बिरकोनी की मां चंडी मंदिर, खल्लारी की मां खल्लारी मंदिर और बागबाहरा के घुंचापाली चंडी मंदिर, पतईमाता मंदिर और सभी देवी मंदिरों में हर साल हजारों के तादात में श्रद्धालु अपनी मनोकामना ज्योति कलश जलाते हैं. बीते साल की बात करें तो नगर के मां महामाया और शीतला माता मंदिर में 3 हजार, रामेश्वर मंदिर में 7 सौ, बिरकोनी चंडी मंदिर में 1851 और बागबाहरा घुंचापाली के चंडी मंदिर में 6 हजार ज्योति कलश जलाए गए थे. लेकिन इस बार एतिहात के तौर पर सभी देवी मंदिरों में माई ज्योति जलाई जाएगी. शेष ज्योति कलश को समितियों ने नहीं जलाने का निर्णय लिया है.




शेष ज्योति कलश को समितियों ने नहीं जलाने का निर्णय लिया है.



नहीं होंगे भंडारा और महाआरती


नवरात्र के इन नौ दिनों में देवी मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना की जाती है. नगर की मां महामाया में चुनरी यात्रा, खल्लारी माता में चलने वाली 24 घंटे का अनवरत भंडारा और चंडी मंदिर में होने वाला विशेष भंडारा भी यहां की एक विशेष पहचान है. लेकिन इस बार कोरोना वायरस को लेकर सुरक्षा के मद्देनजर समितियों और प्रशासन ने संयुक्त बैठक की गई है जिसमें भक्तों के दर्शन, आम भंडारा, महा-आरती, चुनरी यात्रा, मेला-मढ़ई को बंद रखने का फैसला लिया गया है.




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First published: March 24, 2020, 2:35 PM IST
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