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आजादी के 72 साल बाद भी गांव वालों को नहीं मिली पक्की सड़क

Manohar Singh Rajput | News18 Chhattisgarh
Updated: August 30, 2018, 1:21 PM IST
आजादी के 72 साल बाद भी गांव वालों को नहीं मिली पक्की सड़क
आजादी के 72 साल बाद भी गांव वालों को नहीं मिली पक्की सड़क

छत्तीसगढ़ में महासमुंद जिले के ग्राम बिजराभाठा में लोग सालों से पक्की सड़क की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन आजादी के 72 साल बाद भी इन गांव वालों को पक्की सड़क नसीब नहीं हुई है.

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छत्तीसगढ़ में महासमुंद जिले के ग्राम बिजराभाठा में लोग सालों से पक्की सड़क की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन आजादी के 72 साल बाद भी इन गांव वालों को पक्की सड़क नसीब नहीं हुई है. गांव वाले मजबूरन किसी तरह उसी उबड़-खाबड़ और कीचड़ युक्त कच्ची सड़क पर चलने को मजबूर हैं. बता दें कि ग्रामीण सड़क की मांग जनप्रतिनिधि से लेकर आला अधिकारी और मुख्यमंत्री तक से चुके हैं. वहीं आला अधिकारी जल्द ही सड़क बनवाने का आश्वासन दिया है.

चुनावी साल में छत्तीसगढ़ सरकार विकास का ढिंढोरा पीटकर अपनी पीठ थप थपा रही है जबकि ये कच्ची सड़क जहां बाइक पर सवार लोग उबड़-खाबड़ और कीचड़ भरी सड़क पर हिचकोले खा रही है. बिजराभाठा ग्राम पंचायत बड़े टेमरी का आश्रित गांव है. छोटे टेमरी और सरीफाबाद की आबादी करीब 4 हजार है. आदिवासी बाहुल्य इस पंचायत के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती-किसानी है.

बिजराभाठा से एनएच 53 की दूरी मात्र एक से डेढ़ किलोमीटर है. इस सड़क से ग्राम सावित्रिपुर, ढाबाखार, बिजेमाल, साहू डिपा, जर्रा के करीब 4 से 5 हजार लोग आना-जाना और निस्तारी के साथ अपनी जीवन की गाड़ी रोजाना दौड़ाते हैं. ये सड़क शुरू से ही कच्ची है, कच्ची सड़क होने के कारण सड़क में जगह-जगह गड्ढे हो गए. बरसात में ये पूरी सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे गांव वालों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

गांव वाले पक्की सड़क की मांग आला अधिकारी, जनप्रतिनिधि और सीएम जनदर्शन तक कर चुके हैं, लेकिन आज तक विकास की चिड़ियां इस गांव तक नहीं पहुंच पाई है. ग्रामीणों का कहना है कि सरकार एक तरफ मोबाइल बांट रही है और बड़े-बड़े विकास के दावे करती है, लेकिन ग्रामीणों को एक पक्की सड़क तक दे पा रही है.

सरकार छत्तीसगढ़ में विकास के नाम पर प्रदेश के कोने-कोने में सड़कों का जाल बिछाने और गांवों को शहरों से जोड़ने का दावा करती है, लेकिन नेशनल हाईवे से महज कुछ ही दूरी पर लगे इस गांव की तस्वीर तमाम दावों की पोल खोल दी है.

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First published: August 30, 2018, 1:21 PM IST
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