10 दिनों से सरकारी उप स्वास्थ्य केंद्र में लटका ताला, इलाज के लिए भटक रहे मरीज

अस्पताल में ताला लगा होने से समय पर जरूरतमंद लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है. इस वजह से लोगों में नाराजगी भी है.

Manohar Singh Rajput | News18 Chhattisgarh
Updated: August 9, 2019, 1:05 PM IST
10 दिनों से सरकारी उप स्वास्थ्य केंद्र में लटका ताला, इलाज के लिए भटक रहे मरीज
10 गांव के ग्रामीणों को अपने इलाज कराने के लिए भटकना पड़ रहा है.
Manohar Singh Rajput
Manohar Singh Rajput | News18 Chhattisgarh
Updated: August 9, 2019, 1:05 PM IST
महासमुंद जिले में बारिश के मौसम में भी अस्पताल के बंद होने से लोग खासे परेशान है. इलाज कराने के लोगों को लिए भटकना पड़ रहा है. ताजा सरायपाली इलाके के सुदूरवर्ती ग्राम समदरहा का है. इस इलाके में पिछले 15 दिनों से सरकारी उप स्वास्थ्य केंद्र में ताला लटका हुआ है. इस वजह से वहां के 10 गांव के  ग्रामीणों को अपने इलाज कराने के लिए भटकना पड़ रहा है. अस्पताल में ताला लगा होने से समय पर जरूरतमंद लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है. इस वजह से लोगों में नाराजगी भी है.

शासन के फरमान की अनदेखी:

आपको बता दें कि सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों के 24 घंटा सेवा देने के लिए शासन द्वारा फरमान जारी किया गया है. इसके बाद भी इस तरह की लापरवाही सामने आने से ग्रामीणों को सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है. गौरतलब है कि समदरहा उप स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ स्वास्थ्यकर्मी का विगत दिनों तबादला कर दिया गया. इसके बाद नई पदस्थापना होने के बाद भी वहां कोई कर्मचारी पिछले 15 दिनों से नहीं पहुंचा है.

chhattisgarh, mahasamund, health ministry, chhattisgarh health department,   government sub-health condition,   government sub-health locked, health services in chhattisgarh, health services in mahasamund, health news, health updates, छत्तीसगढ़, रायपुर, स्वास्थ्य मंत्रालय, छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग, छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाएं, सरकारी उप स्वास्थ्य केंद्र में ताला, सरकारी उप स्वास्थ्य केंद्र की हालत, छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाएं
पदस्थापना के बावजूद अस्पताल में नहीं है डॉक्टर.


प्रभावित हो रहे 10 गांव के लोग

ग्रामीणों की माने तो गांव में स्वास्थ्य केंद्र के बंद होने से आसपास के करीब 10 गांव के लोग प्रभावित हो रहे है. उन्हें छोटी-छोटी बीमारियों के लिए करीब 40 किलोमीटर दूर सराईपाली तक का सफर तय करना पड़ रहा है. या फिर झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे उनको इलाज कराने को मजबूर होना पड़ रहा है. बीमारी से प्रभावित गांव के ग्रामीणों को डॉक्टर मिलना तो दूर एक टेबलेट भी नसीब नहीं हो पा रहा है. लिहाज़ा अब ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र में ताला लटका देख वापस जा रहे है. वहीं जिले के प्रभारी सीएमएचओ नए कर्मचारी का पदस्थापना होना बताते हुए जल्द ही सेवा शुरू कर लेने की बात कह रहे है.

ये भी पढ़ें: 
Loading...

सरहद पर मौजूद जवानों के लिए यहां की बहनों ने भेजी राखी, मांगी सलामती की दुआ 

'भूत' से परिवार का जीना हुआ मुहाल, परेशान होकर थाने में लगाई गुहार 

 
First published: August 9, 2019, 12:55 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...