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रेत का अवैध तरीके से उत्खनन लगातार जारी, लगाम कसने में विभाग नाकाम

Manohar Singh Rajput | News18 Chhattisgarh
Updated: June 8, 2019, 10:29 AM IST
रेत का अवैध तरीके से उत्खनन लगातार जारी, लगाम कसने में विभाग नाकाम
महासमुंद में रेत का अवैध तरीके से उत्खनन जोरों पर.

सर्वाधिक रेत का उत्खनन महानदी और जोंक नदी से किया जा रहा है, जहां रेत माफ़िया रोजाना सैकड़ों की संख्या में हाईवा और ट्रैक्टर के जरिए नदी का सीना चीर कर रेत उत्खनन में लगे हुए है.

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महासमुंद जिले की जीवन दायनी कही जानी वाली महानदी का सीना इन दिनों रेत माफिया छलनी करने में लगे है. महानदी के साथ-साथ जिले से होकर गुजरने वाली जोक नदी और उसकी सहायक नदियों में रोजाना रेत का अवैध तरीके से खनन का खेल लगातार जारी है. नदियों में अवैध रूप से चल रहे रेत उत्खनन कार्य से जहां शासन को लाखों रुपए के रॉयल्टी का नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है. इसके साथ ही नदियों के अस्तित्व पर संकट भी गहराता जा रहा है. कई जगह नदियों में रेत की खदान इतने ज्यादा बढ़ गए है कि वहां जनजीवन पर भी इसका असर दिखने लगा है. जानकारी के मुताबिक रेत के इस अवैध कारोबार में जिले के अलावा आस-पास के जिले के दबंगों, नेताओं और बाहरी राज्य के लोगों का खेल चल रहा है, जो दिन और रात रेत का अवैध कारोबार चला रहे है. ग्रामीणों का आरोप है कि अगर रेत खनन का विरोध भी किया जाता है तो उन्हें दबंग और नेताओं द्वारा न केवल धौंस देकर डराया जाता है बल्कि बंदूक का डर और नेतागिरी का पावर दिखाया जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर शासन प्रशासन से मदद मांग भी ले तो उन्हें किसी का सहारा नहीं मिलता. इससे ग्रामीण भी काफी डरे हुए महसूस कर रहे है.य

इन आंकड़ों पर डालें एक नजर

महासमुंद जिले में घोषित रेत खदानों की संख्या - 36
घोषित खदानों में से चालू खदानों की संख्या - 03

जिले के चालू रेत खदान पासिद, मुड़ियाडीह और गढ़सीवनी से हो रहा रेत का खनन
इन खदानों के साथ अन्य खदानों से भी हो रहा रेत का अवैध खनन
प्रति हाईवा रेत का रायल्टी- 500 रूपए, ट्रैक्टर 100 से 150 रूपए
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प्रतिदिन 500 हाईवा रेत की चोरी पर 2 लाख 50 हजार का राजस्व नुकसान
एक माह में सरकार को करीब 75 लाख के राजस्व का नुकसान

जिम्मेदार अधिकारी दे रहे ये दलील

बारिश से ठीक पहले निर्माण कार्यों में तेजी आने की वजह से रेत की मांग बढ़ गई है जिससे रेत माफिया अवैध रूप से नदी-नालों से रेत उत्खनन कर शासन को लाखों-करोड़ों का चूना लगा रहे है. अवैध रूप से उत्खनन कार्य को रोकने के लिए शासन द्वारा खनिज विभाग में अफसरों की भी तैनाती की गई है, लेकिन विडंबना है कि खनिज विभाग ना तो रेत माफियाओं को रोक पा रहा है और ना ही रेत का उत्खनन रोकने की दिशा में ठोस कदम उठा पा रहे है, जिसके चलते महासमुंद जिले में रेत का अवैध कारोबार जोर-शोर से फल फूल रहा है. हालांकि खनिज विभाग के अधिकारी अजय रंजन का कहना है कि उनके पास स्टॉफ की फिलहाल कमी है. बावजूद इसके विभाग अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक लगाने का लगातार प्रयास कर रही है.

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First published: June 8, 2019, 10:29 AM IST
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