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जानिए क्यों इस परिवार ने शासन से की इच्छा मृत्यु की मांग

Manohar Singh Rajput | News18 Chhattisgarh
Updated: August 31, 2018, 1:28 PM IST
जानिए क्यों इस परिवार ने शासन से की इच्छा मृत्यु की मांग
जानिए क्यों इस परिवार ने शासन से की इच्छा मृत्यु की मांग

इस परिवार को प्रशासनिक लापरवाही की वजह से योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है. शासन-प्रशासन से गुहार लगाकर थक चुका यह परिवार अब दर-दर की ठोंकरें खाने को मजबूर है.

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छत्तीसगढ़ में महासमुंद जिले के एक परिवार ने प्रशासन से इच्छा मृत्यु की मांग की है. सरकार हर तबके तक विकास पहुंचाने का दावा करती है और गरीबों के लिए कल्याणकारी योजनाओं का संचालन भी कर रही है, लेकिन इस परिवार को प्रशासनिक लापरवाही की वजह से योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है. शासन-प्रशासन से गुहार लगाकर थक चुका यह परिवार दर-दर भटकने को मजबूर हैं. यही वजह है कि आर्थिक तंगी और गरीबी से जूझ रहे इस परिवार ने सरकार से इच्छा मृत्यु की मांग की है.

सरकार अक्सर गरीबों के लिए योजनाएं लाने और उन योजनाओं का लाभ गरीबों को दिलाने का दावा करती है, लेकिन इसकी जमीनी हकीकत ये है कि प्रशानिक लापरवाही के चलते कुछ लोगों को इन्हीं योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है. मामला महासमुंद जिले के विकासखंड बागबाहरा के ग्राम नरतोरी का है.

महासमुंद जिले के विकासखंड बागबाहरा के ग्राम नरतोरी में देवकुवर बाई अपने दो बच्चों और पति के साथ रहती है. बता दें कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और वो एक झोपड़ीनुमा घर में रहते हैं. इसके अलावा उनके पास कुछ भी नहीं है. मजदूरी कर किसी तरह परिवार चल रहा है. साल 2011 में हुए जातिगत और आर्थिक जनगणना के समय पीड़ित परिवार मजदूरी का काम करने बाहर चला गया था. इस कारण इनका नाम इस लिस्ट में नहीं आ सका, जिसका खामियाजा ये पूरा परिवार पिछले 7 साल से भूगत रहा है.

आपको बता दें कि 5 माह पहले देवकुवर चक्रधारी को चिकित्सकीय जांच में पता चला कि उसके पेट में ट्यूमर है. पहले तो परिवार ने मजदूरी के पैसे जमा कर महिला के इलाज के लिए अस्पताल गए, जहां डॉक्‍टरों ने 5 लाख रुपए का कुल खर्च बता दिया. साथ ही राशन कार्ड और स्‍मार्ट कार्ड न होने की वजह से सरकारी अस्‍पताल समेत सारी योजनाओं का लाभ से भी वंचित हो गए. पूरा परिवार जनप्रतिनिधि से लेकर अधिकारी और नेताओं तक से मदद की गुहार लगाकर थक चुका है. ऐसे में प्रशानिक बेरुखी का दंश झेल रहे इस परिवार ने तहसील कार्यालय बागबहरा में कलेक्टर के नाम पत्र लिखकर पूरे परिवार के साथ इच्छा मृत्यु की मांग की है.

 

चार सदस्‍यों के इस परिवार में 16 वर्षीय रेनू, 5 वर्षीय राहूल और माता देवकुंवर और पति मूलचंद चक्रधारी हैं, जिसका भरण पोषण 16 वर्षीय रेनू कर रही है. रेनू मजदूरी करती है.

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First published: August 31, 2018, 1:28 PM IST
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