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श्रम विभाग से 200 युवतियों को पिछले दो साल से नहीं हुआ भुगतान

Manohar Singh Rajput | News18 Chhattisgarh
Updated: April 6, 2018, 1:57 PM IST
श्रम विभाग से 200 युवतियों को पिछले दो साल से नहीं हुआ भुगतान
श्रम विभाग से 200 युवतियों को पिछले दो साल से नहीं हुआ भुगतान

कौशल विकास योजना के तहत राज्य सरकार बेरोजगार युवक-युवतियों को प्रशिक्षण और रोजगार देने का दावा करती है. वहीं करीब 200 लोगों के करीब 36 लाख रुपए का भुगतान पिछले 2 साल से लंबित है. ऐसे में बेरोजगार युवक-युवतियां और महिलाएं विभाग के चक्कर लगाने को मजबूर हैं.

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छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में बेरोजगार युवक-युवतियां और महिलाएं विभाग के चक्कर लगाने को मजबूर हैं. दरअसल, करीब 200 लोगों के 36 लाख रुपए का भुगतान पिछले 2 साल से लंबित है. बता दें कि बागबाहरा ब्लॉक के बकमा में श्रम विभाग से करीब 150 से 200 युवतियों और महिलाओं ने वर्ष 2016-17 और 2017-18 में ईश्वरी फाउंडेशन के माध्यम से मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत सिलाई, ब्यूटिशियन, कढ़ाई-बुनाई समेत कई रोजगार मूलक प्रशिक्षण प्राप्त किए थे. इसके तहत संस्था ने रोजगार के लिए प्रतिदिन 120 रुपए का मानदेय और उपकरण दिलाने की बात कही थी. बता दें कि यह प्रशिक्षण बकमा में दिया गया था.

प्रशिक्षण में उपस्थिति के अनुसार प्रति प्रशिक्षणार्थियों को 18 से 20 हजार रुपए का मानदेय दिया जाना है. इस हिसाब से 200 लोगों का करीब 36 लाख रुपए का भुगतान पिछले 2 साल से लंबित है. प्रशिक्षण लेने वाली महिलाओं और युवतियों का कहना है कि वीटीपी संचालक ने उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी थी और ना ही उन्हें मानदेय या उपकरण दिया गया है. इस कारण अब वे विभाग के पिछले 1 साल से चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है. इधर, विभाग के जिम्मेदार अधिकारी ने शिकायतों से अपना पल्ला झाड़ते हुए वीपीटी संचालकों द्वारा दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने की बात करते हुए जांच के बाद जल्द भुगतान करने का दावा किया है.

गौरतलब है कि कौशल विकास योजना के तहत राज्य सरकार बेरोजगार युवक-युवतियों को प्रशिक्षण और रोजगार देने का दावा करती है, लेकिन हकीकत यह है कि कौशल विकास के तहत काम करने वाली संस्थाएं सरकार की इस योजना को दिमक की तरह चाट रहीं हैं. बेरोजगार युवक-युवतियों और महिलाओं को रोजगार के साथ पारिश्रमिक भत्ता देने का दावा कर कौशल विकास के तहत वीपीटी चलाने वाली संस्थाएं अपना टारगेट पूरा कर सरकार से तो मोटी रकम ले रही है, लेकिन बेरोजगारों को न तो रोजगार मिला और ना ही मानदेय. लिहाजा, अब बेरोजगार युवक-युवतियां और महिलाएं विभाग के चक्कर लगाने को मजबूर हैं.

 

 

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First published: April 6, 2018, 1:57 PM IST
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