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Lockdown: छत्‍तीसगढ़ में मनरेगा के तहत काम शुरू, महासमुंद में 1.63 लाख को रोजगार देने का दावा

Lockdown: छत्‍तीसगढ़ में मनरेगा के तहत काम शुरू, महासमुंद में 1.63 लाख को रोजगार देने का दावा

मनरेगा के तहत काम करते मजदूर

मनरेगा के तहत काम करते मजदूर

Lockdown में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजी रोटी के संकट को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत काम शुरू करने की अनु​मति दे दी है.

महासमुंद. लॉकडाउन में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजी रोटी के संकट को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत काम शुरू करने की अनु​मति दे दी है. इसका असर दिखाई पड़ रहा है. कोरोना महामारी के चलते एक तरफ जहां हजारों मजदूरों पर रोजी-रोटी की संकट बनी हुई है. वहीं, दूसरी ओर मनरेगा के तहत महासमुंद जिले के 1 लाख 63 हजार 855 मजदूर को रोजगार दिया गया है.

जिलेभर में मनरेगा के तहत वर्तमान समय में करीब 518 ग्राम पंचायतों में 55 करोड़ की स्वीकृति से 1 हजार 954 निर्माण कार्य मनरेगा के तहत शुरू किया गया है, जिसमें ग्राम पंचायतों में डबरी निर्माण, भूमि सुधार, नया तालाब निर्माण, तालाब गहरीकरण का कार्य, मछली पालन के लिए तालाब, गोठान निर्माण, चारागाह निर्माण सहित नर्सरी के काम शामिल है, जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जॉब कार्डधारी हर व्यक्तियों को रोजगार दिया जाना है. कोरोना वायरस एक वैश्विक महामारी है, जिससे बचने के तरीके से एहतियात रखना बेहद जरूरी है. इसके लिए हमेशा सोशल डिस्टेसिंग और साबुन से नियमित हाथ धुलाई महत्वपूर्ण है. जिसका पालन ग्राम पंचायतों में काम के दौरान करने का दावा भी किया जा रहा है. ग्राम पंचायत लाफिन खुर्द के सरपंच ने बताया कि सोशल डिस्टेसिंग का पालन मनरेगा के तहत चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान श्रमिकों को कराया जा रहा है.

जल संवर्धन और भूमि सुधार पर फोकस
महासमुंद कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने बताया कि मनरेगा के कामों में जल संवर्धन और भूमि सुधार के कार्यों पर अधिक फोकस किया जा रहा है, जिससे राज्य शासन के ड्रीम प्रोजेक्ट नरवा, गरवा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में भी सहायता मिलेगी...इसके अंतर्गत पशु शेड, मुर्गी शेड, भूमि सुधार, बकरी शेड जैसे कार्य तत्काल आरम्भ करने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे लोगों का आर्थिक स्तर  मजबूत होगा और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगो में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी. जिले में 13 करोड़ से ज्यादा मजदूरी भुगतान का बकाया मनरेगा के तहत काम शुरू कराने के पूर्व भुगतान की भी व्यवस्था कराई गई है. जिले में प्रतिदिन एक से डेढ़ लाख श्रमिकों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है.

सभी पंचायतों में शुरू होगा मनरेगा का काम
कलेक्टर सुनील कुमार जैने ने कहा कि जिले में मनरेगा के अंतर्गत सभी ग्राम पंचायतों में काम शुरू किया जा रहा है. मजदूर जिन्हें रोजगार की आवश्यकता है, उनके मांग के अनुसार उन्हे कार्य दिलाया जा रहा हैं. इस दौरान सोशल डिस्टेसिंग, मास्क पहनना और नियमित हाथ-धुलाई पर विशेष ध्यान रखने के लिए सरपंच और सचिवों को निर्देशित किया गया है. जिले के 555 ग्राम पंचायतों में 1 लाख 63 हजार 855 मजदूरों को मनरेगा के तहत जिला प्रशासन काम दे रहा है.

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Tags: Chhattisgarh news, Corona fund, Lockdown. Covid 19

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