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महासमुंद: संजीवनी-महतारी कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवा चरमराई

Manohar Singh Rajput | News18 Chhattisgarh
Updated: April 5, 2018, 4:11 PM IST
महासमुंद: संजीवनी-महतारी कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवा चरमराई
Mahasamund: Sanjivani-Mahatari employees strike hinders health services

हड़ताल से मरीजों को हो रही खासी परेशानी.

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छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में संजीवनी और महतारी सेवा एम्बुलेंस कर्मचारियों के हड़ताल में चले जाने से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई है. जिलेभर के 81 एम्बुलेंस कर्मचारियों के अनिश्चितकालिन हड़ताल में चले जाने से 102 और 108 के 18 एम्बुलेंस के पहिए थम गए है. इस हड़ताल का खामियाजा आम जनता को उठाना पड़ रहा है.


स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल से सबसे ज्यादा तकलीफ गर्भवति महिलाओं और गंभीर मरीजों को हो रही है. टोल फ्री नंबर में भी किसी के द्वारा फोन नहीं उठाया जा रहा जा रहा है. इसके चलते परीजन ऑटों रिक्शा या फिर अपने दोपहिया वाहनों से मरीजों को अस्पताल लाने को मजबूर है.

जिले में बदहाल हो रहे स्वास्थ्य सेवा को दुरूस्त करने विभाग की कोई तैयारी नजर नहीं आ रही है. आपको बता दें कि जिले में रोजाना 200 से 250 केस एम्बुलेंस के जरिए अस्पतालों तक पहुंचते है जिसमे सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटना और गर्भवति महिलाओं की होती है.


कर्मचारी ठेका प्रथा बंद करने, वेतन विसंगती दूर करने सहित 6 सूत्रीय मांगों को लेकर 108-102 कर्मचारी कल्याण संघ ने गुरूवार से प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है. अपनी मांगों को लेकर दर्जनों बार आवाज बुलंद कर चूके कर्मचारी लोगों से माफी मांगते हुए अब मजबूरी में हड़ताल करने की बात कर रहे है.साथ ही हड़ताल के समय में घटित कोई भी घटना के लिए ठेका कंपनी और शासन-प्रशासन को जिम्मेदार बता रहे है.

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First published: April 5, 2018, 4:11 PM IST
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