मॉनसून की बेरूखी ने बढ़ाई महासमुंद में किसानों की चिंता, अब तक 30% कम हुई है बुआई

छत्तीसगढ़ के महासमुंद में मानसून की पहली बारिश के बाद मौसम तो सुहाना बना हुआ है, लेकिन बारिश नहीं हो रही है.

Manohar Singh Rajput | News18 Chhattisgarh
Updated: July 19, 2019, 3:10 PM IST
मॉनसून की बेरूखी ने बढ़ाई महासमुंद में किसानों की चिंता, अब तक 30% कम हुई है बुआई
महासमुंद जिले में मानसून की बेरूखी देखने को मिल रही है.
Manohar Singh Rajput
Manohar Singh Rajput | News18 Chhattisgarh
Updated: July 19, 2019, 3:10 PM IST
छत्तीसगढ़ के महासमुंद के किसानों की चिंता बढ़ गई है. मानसून की बेरूखी के कारण किसानों को इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मानसून की पहली बारिश के बाद मौसम तो सुहाना बना हुआ है, लेकिन बारिश नहीं हो रही है. बारिश नहीं होने से जिले में किसानी काम में जुटे किसानों की चिंता बढ़ गई है. जिले में बारिश के अभाव में किसानी पिछड़ गई है और खेतों की बोआई 40 प्रतिशत पीछे है.

पीछले दिनों हुई बारिश के बाद जिन किसानों ने धान की बोआई कर दी थी वो भी परेशान हैं. क्योंकि अगर बारिश नहीं हुई तो धान खराब हो सकता है. एक तरफ जहां किसान बारिश से आस लगाये बैठे हैं तो वहीं कृषि विभाग के अधिकारी ये तो मान रहे हैं कि मानसून पीछड़ा है, लेकिन आने वाले 15 दिनों के भीतर बारिश के आसार भी लग रहे हैं.

30 प्रतिशत कम हुई है बुआई
कृषि विभाग के सहायक उपसंचालक कुसुम वर्मा का कहना है कि जिले में धान का कुल रकबा 2 लाख 41 हजार 5 सौ हैक्टेयर है, जिनमें से 1 लाख 17 हजार 5 सौ सिंचाई रकबे में शामिल है. वहीं 1 लाख 24 हजार हैक्टेयर असिंचित रकबे में शामिल होता है. जिले में अब तक कुल 333 एमएम बारिश दर्ज की गई है, जो कि गत वर्ष की तुलना में 48 प्रतिशत कम है. वहीं सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जिले में अब तक 1 लाख 48 हजार 7 सौ हैक्टेयर में बोआई का काम हो चुका है, जो कि गत वर्ष की तुलना में 30 प्रतिशत कम है.

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First published: July 19, 2019, 3:01 PM IST
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