विधानसभा चुनाव: 'समाज' को लुभाने की कोशिश में राष्ट्रीय पार्टियां

साहू समाज किसी भी पार्टी से दावेदारी नहीं मिलने पर निर्दलीय प्रत्याशी उतारने की भी तैयारी कर रही है.

Manohar Singh Rajput | News18 Chhattisgarh
Updated: September 11, 2018, 5:18 PM IST
विधानसभा चुनाव: 'समाज' को लुभाने की कोशिश में राष्ट्रीय पार्टियां
प्रतिकात्मक तस्वीर.
Manohar Singh Rajput
Manohar Singh Rajput | News18 Chhattisgarh
Updated: September 11, 2018, 5:18 PM IST
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में विधानसभा चुनाव में जातिगत समीकरणों का दौर शुरू हो गया है. अलग-अलग समाज के नेता और सामाजिक लोग अपने-अपने समाज के दावेदारी के लिए ताल ठोक रहे है. खासकर महासमुंद विधानसभा में साहू समाज और कुर्मी समाज की लॉबी देखी जाती है. दोनों ही समाज का बहुमत चुनावी समीकरण को निर्णय तक पहुंचाती है. यही कारण है कि दोनों ही राष्ट्रीय पार्टियां दोनों समाज को अपने पाले में लेने में भीड़े है.

महासमूंद जिले में साहू समाज ने सामने आकर साफ कह दिया है कि व्यक्तिव के आधार पर प्रत्याशी को मैदान में उतारने वाली पार्टी का साथ देगी. साहू समाज के तहसील अध्यक्ष मुन्ना साहू का कहना है कि भाजपा,कांग्रेस या फिर जेसीसीजे तीनों में से जो भी पार्टी व्यक्तिव के आधार पर समाज के प्रत्याशी को आगे करते हैं तो पूरा समाज उस प्रत्याशी को सपोर्ट करेगा.आगामी चुनाव में उसे जीत दिलाकर उसे विधानसभा भी भेजेंगे.

आपको बता दें कि 2014 चुनाव में साहू समाज के जातिगत समीकरणों के चलते ही विधायक विमल चोपड़ा ने भाजपा के पूनम चंद्राकर और कांग्रेस के अग्नि चंद्राकर को हराकर निर्दलीय जीत हासिल की थी. लेकिन विधायक विमल चोपड़ा समाज की मंशा पर खरे नहीं उतर पाये. इसके चलते अब समाज नाराज है. इधर साहू समाज किसी भी पार्टी से दावेदारी नहीं मिलने पर समाज से ही निर्दलीय प्रत्याशी उतारने की भी तैयारी में है.

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