महासमुंद: शासकीय कन्या हाई स्कूल के नाम परिवर्तन पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

महासमुंद जिले के सरायपाली में शासकीय कन्या हाई स्कूल के नाम परिवर्तन पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है.

Manohar Singh Rajput | News18 Chhattisgarh
Updated: August 12, 2018, 1:55 PM IST
महासमुंद: शासकीय कन्या हाई स्कूल के नाम परिवर्तन पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
शासकीय कन्या हाई स्कूल के नाम परिवर्तन पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
Manohar Singh Rajput
Manohar Singh Rajput | News18 Chhattisgarh
Updated: August 12, 2018, 1:55 PM IST
छत्तीसगढ़ में महासमुंद जिले के सरायपाली में शासकीय कन्या हाई स्कूल के नाम परिवर्तन पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है. विधानसभा अध्यक्ष गौरी शंकर अग्रवाल की सास (पत्नी की मां) के नाम पर इस शासकीय स्कूल का नामकरण कराया गया था. सीएम डॉ. रमन सिंह के सरायपाली प्रवास के दौरान स्कूल का नाम शांति देवी अग्रवाल के नाम से नामकरण की घोषणा की गई थी. इस पर हाईकोर्ट ने शासन से जवाब मांगा है कि किस प्रक्रिया के तहत शासकीय स्कूल का नाम बदला गया.

इस तरह मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा सरायपाली में स्कूल के नाम बदलने की घोषणा पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है. बीते दिनों मुख्यमंत्री रमन सिंह ने महासमुंद जिले के सरायपाली में संचालित शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल का नाम बदलकर श्रीमती शांति देवी अग्रवाल के नाम पर करने की घोषणा की थी. इस पर यहां के समाजसेवी और संस्था के पूर्व प्राचार्य ने हाईकोर्ट में गलत तरीके से नाम परिवर्तन करने की बात को लेकर पीआईएल दायर की थी.

लिहाजा, मामले में सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने तत्काल प्रभाव से स्थगन आदेश जारी कर नाम को यथावत रखने का आदेश दिया है. बता दें कि सीएम ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल की सास स्वर्गीय श्रीमती शांति देवी अग्रवाल के नाम पर सरायपाली के शासकीय कन्या शाला का नामकरण करने के लिए उनके परिजनों नें 10 लाख रुपए स्कूल को दान स्वरूप देने की घोषणा की थी.

मुख्यमंत्री ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए शासकीय कन्या शाला सरायपाली का नाम स्वर्गीय श्रीमती शांति देवी अग्रवाल के नाम पर करने की घोषणा कर दी थी. इसके बाद स्कूल का नाम बदलकर स्वर्गीय श्रीमती शांति देवी अग्रवाल शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल कर दिया गया था. इसकी नाम पट्टिका भी स्कूल के गेट पर लगा दी गई थी जबकि नाम परिवर्तन के लिए शाला विकास समिति का प्रस्‍ताव भी नहीं मिला था.

बहरहाल, मामले में हाईकोर्ट के उन लोगों को कोर्ट में आने का आदेश दिया, जो अधिक राशि देने में सक्षम हैं. अधिक राशि देने वाले लोग हाईकोर्ट बिलासपुर में हाजिर हुए और नाम परिवर्तन का विरोध किया. इस पर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रशांत मिश्रा ने नाम परिवर्तन पर स्थगन आदेश जारी करते हुए अगली सुनवाई में शासन से जवाब मांगा है.
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