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'बीजेपी के घोषणा पत्र में किए गए वादे आज तक नहीं हुए पूरे'

Manohar Singh Rajput | News18 Chhattisgarh
Updated: August 10, 2018, 10:11 AM IST
'बीजेपी के घोषणा पत्र में किए गए वादे आज तक नहीं हुए पूरे'
'बीजेपी के घोषणा पत्र में किए गए वादे आज तक नहीं हुए पूरे'

छत्तीसगढ़ में साल 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी की घोषणा पत्र को लेकर अब सवाल खड़े होने लगे हैं.

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छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में चुनावी साल में तमाम राजनीतिक पार्टियां और नेता बीजेपी सरकार को घेरने में लगे हैं. साल 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी की घोषणा पत्र को लेकर अब सवाल खड़े होने लगे हैं. संकल्प पत्र के रूप में बीजेपी सरकार ने लोगों को जो सौगात देने का वादा किया था वो आज तक नहीं दे पाई है.

लिहाजा, उन वादों पर अब चुनावी साल में विपक्ष के लोगों ने जनता के बीच आवाज उठाना शुरू कर दिया है. बता दें कि बीजेपी के संकल्प पत्र में एक वादा प्रदेश के निराश्रित पेंशन योजना को लेकर भी था, जिसमें सरकार बनने पर पेंशनधारियों की राशि दोगुनी कर देने की बात कही गई थी. इस पर सरकार ने महज 50 रुपए बढ़ाकर सिर्फ खानापूर्ति करने का काम किया है. नतीजतन आज पेंशनधारी पैसों के लिए दर दर भटक रहे हैं.

महासमुंद जिले की बात करें तो करीब 17 हजार निराश्रित पेंशनधारी हैं, और जो पेंशन राशि सरकार इन्हें दे रही है उससे गुजर बसर करना मुश्किल है. मामले में जहां कांग्रेस के बागबाहरा ब्लॉक अध्यक्ष अंकित बागबाहरा ने बीजेपी सरकार को झूठ और प्रपंच से चुनी हुई सरकार बताया है.

उन्होंने सरकार पर अंग्रेजों के नीति बांटों और राज करो के आधार पर काम करने का आरोप लगाया है. साथ ही बीजेपी सरकार के कथनी और करनी में फर्क बताते हुए सरकार को इस बार औंधे मुंह गिरने का दावा किया है. वहीं महासमुंद के निर्दलीय विधायक विमल चोपड़ा ने कहा कि सरकार ने संकल्प पत्र में जारी अपना संकल्प पूरा नहीं किया है. विधायक ने इसे सरकार की जिम्मेदारी बताते हुए इसे लोगों के साथ धोखा बताया है. साथ ही कहा कि संकल्प पत्र में सरकार ने बातें कर जो छलावा लोगों के साथ किया है उसका नतीजा लोग चुनाव में सरकार को देंगे.

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First published: August 10, 2018, 10:11 AM IST
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