चाइल्ड फ्रेंडली पुलिसिंग को लेकर महासमुंद में दो दिवसीय वर्कशॉप

चाइल्ड फ्रेंडली डिस्ट्रिक्ट की दिशा में एक कदम और बढ़ाते हुए महासमुंद पुलिस और यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में दो दिवसीय वर्कशॉप किया गया. आईजी ने इस अवसर पर पुलिस कर्मियों को बच्चों से सम्बंधित कानून का पालन के अलावा अन्य एजेंसियों के साथ तालमेल पर जोर दिया.

Manohar Singh Rajput | News18 Chhattisgarh
Updated: May 17, 2018, 11:13 PM IST
चाइल्ड फ्रेंडली पुलिसिंग को लेकर महासमुंद में दो दिवसीय वर्कशॉप
वर्कशॉप में शामिल पुलिस अधिकारी
Manohar Singh Rajput
Manohar Singh Rajput | News18 Chhattisgarh
Updated: May 17, 2018, 11:13 PM IST
चाइल्ड फ्रेंडली डिस्ट्रिक्ट की दिशा में एक कदम और बढ़ाते हुए महासमुंद पुलिस और यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में दो दिवसीय वर्कशॉप किया गया. 17 और 18 मई को आयोजित " वर्कशॉप ऑन स्केलिंग अप ऑफ चाइल्ड फ्रेंडली पुलिसिंग इन द स्टेट " का शुभारंभ गुरुवार को नया सर्किट हाउस में पुलिस महानिरीक्षक रायपुर क्षेत्र प्रदीप गुप्ता और एसपी संतोष सिंह ने किया.

आईजी ने पुलिस कर्मियों को बच्चों से सम्बंधित कानून का पालन के अलावा अन्य एजेंसियों के साथ तालमेल पर जोर दिया. वहीं पुलिस अधीक्षक ने सभी को बच्चों के साथ संवेदनशीलता से पेश आने को कहा. वर्कशॉप में स्टेट होल्डर्स के रूप में यूनिसेफ से गार्गी साहा, नेतराम डड़सेना, बाल कल्याण समिति के सदस्य, सखी सेंटर के सदस्य और जिले के उप पुलिस अधीक्षक, निरीक्षक,  उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक तथा प्रधान आरक्षक स्तर के पुलिस अधिकारी कर्मचारी शामिल हुए.

वर्कशॉप मेंं शामिल पुलिस अधिकारियों को बाल सुरक्षा विशेषज्ञ नई दिल्ली के राजमंगल प्रसाद, प्रबंधक एसोसिएशन फ़ॉर डेवलपमेंट नई दिल्ली के योगेश कुमार, और बाल साइकोलॉजिस्ट रायपुर के अम्बा सेठी ने व्याख्यान के माध्यम से प्रशिक्षण दिया. प्रशिक्षकोें ने  बताया कि किसी भी मामले में अगर पुलिस को बच्चों से बातचीत करनी पड़े तो उनका किस तरह से दोस्ताना व्यवहार होना चाहिए. अगर कोई बाल अपराधी भी हो तो उसके साथ खूंख्वार अपराधियों का सा सलूक ना किया जाए.
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