Marwahi By Election: अजीत जोगी के गढ़ में कांग्रेस का कब्जा, डॉ. केके ध्रुव ने मारी बाजी

केके ध्रुव की जीत के बाद कांग्रेस में जश्न का माहौल है.
केके ध्रुव की जीत के बाद कांग्रेस में जश्न का माहौल है.

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और दिवंगत नेता अजीत जोगी (Ajit Jogi) के गढ़ माने जाने वाले मरवाही पर कांग्रेस ने कब्जा जमा लिया है. कांग्रेस के डॉ. केके ध्रुव ने (Dr. KK Dhruv) मरवाही उपचुनाव में जीत हासिल कर ली है. 

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रायपुर. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और दिवंगत नेता अजीत जोगी (Ajit Jogi) के गढ़ माने जाने वाले मरवाही पर कांग्रेस ने कब्जा जमा लिया है. कांग्रेस के डॉ. केके ध्रुव ने (Dr. KK Dhruv) मरवाही उपचुनाव में जीत हासिल कर ली है. डॉ केके ध्रुव ने बीजेपी के डॉ. गंभीर सिंह को 34 हजार से ज्यादा वोटों से हराया है. गौर करने वाली बात ये है कि मरवाही में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी से ज्यादा वोट कांग्रेस प्रत्याशी केके ध्रुव को मिले. साल 2018 में जोगी को 74041 कुल वोट मिला था. तो वहीं 19 वें राउंड तक कांग्रेस के डॉ. केके ध्रुव को 76209 वोट मिले.

केके ध्रुव  की जीत के बाद कांग्रेस में जश्न का माहौल है.  जीत के बाद प्रत्याशी डॉ केके ध्रुव ने न्यूज़ 18 से कहा कि मरवाही में ब्लड बैंक शुरू करना पहली प्राथमिकता होगी. जनता के स्वास्थ्य पर फोकस पहले किया जाएगा. डॉक्टरी के पेश से राजनीति में आने से कोई परेशानी नहीं. तो वहीं डॉ केके ध्रुव की जीत पर मुख्यमंत्री ने खुशी जाहिर की और जीत की बधाई दी है. बता दें कि 22वें राउंड तक गिनती के बाद कांग्रेस के डॉ. केके ध्रुव को 83083 वोट मिले. तो वहीं बीजेपी के गंभीर सिंह को 45193 मत हासिल हुए हैं.

सीएम भूपेश बघेल ने ये ट्वीट किया है





सीएम भूपेश बघेल ने किया ट्वीट

डॉ केके ध्रुव की जीत के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट किया. उन्होंने कहा, मरवाही का उपचुनाव महज विधायक चुनने का चुनाव नहीं था बल्कि यह मरवाही के साथ बीते 18 सालों तक हुए छल को जनता द्वारा लोकतांत्रिक जवाब देने की परीक्षा थी. मुझे खुशी है कि मरवाही की जनता ने इस परीक्षा को प्रचंड बहुमत से उत्तीर्ण किया है.  डॉ के के ध्रुव को बधाई एवं शुभकामनाएं. मुझे हर्ष और गर्व हो रहा है, साथ में मैं भावुक भी हूं.

बीजेपी का पलटवार

मरवाही में बीजेपी की हार पर सांसद सुनील सोनी ने बड़ा बयान दिया है. सुनील सोनी ने कहा कि जहां पटवारी से कलेक्टर तक और हवलदार से एसपी तक चुनाव लड़े वहां तो जीत होगी ही. मरवाही में शासन-प्रशासन ने मिलकर चुनाव लड़ा. चुनावी हार की पार्टी के भीतर समीक्षा होगी. कहां चूक हुई, कहां पीछे रह गए तमाम बातों पर मंथन किया जाएगा. मरवाही में कांग्रेस ने घेराबंदी कर चुनाव लड़ा.
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