हरेली पर्व पर अंधविश्वास का साया, तंत्र-मंत्र के बाद देते हैं बलि, गांव में एंट्री पर बैन!

प्रदेश के मुंगेली जिले के गांवों में एक ऐसी अनोखी परंपरा देखने को मिलती है, जिसपर अंधविश्वास का साया भी नजर आता है.

Prashant Sharma | News18 Chhattisgarh
Updated: August 1, 2019, 1:11 PM IST
हरेली पर्व पर अंधविश्वास का साया, तंत्र-मंत्र के बाद देते हैं बलि, गांव में एंट्री पर बैन!
रायपुर में हरेली पर्व पर प्रस्तुति देते लोककलाकार. सांकेतिक फोटो.
Prashant Sharma
Prashant Sharma | News18 Chhattisgarh
Updated: August 1, 2019, 1:11 PM IST
सावन महीने में अमावस्या पर छत्तीसगढ़ में लोक पर्व हरेली धूमधाम से मनाया जाता है. खासकर ग्रामीण इलाकों में सभी खुशी के साथ इसे मनाते हैं. प्रदेश के मुंगेली जिले के गांवों में एक ऐसी अनोखी परंपरा देखने को मिलती है, जिसपर अंधविश्वास का साया भी नजर आता है. मुंगेली जिले के अधिकांश गांवों में अंधविश्वास का खेल खेला जाता है.

दरअसल हरेली पर्व के दिन गांव बांधने (नाकरात्मक ऊर्जा) को गांव में रोकने की परंपरा निभाई जाती है. इमें सभी गांव वाले मिलकर तांत्रिक बुलाते हैं, जो गांवों की मेढबंदी करके सीमा को तंत्रमंत्र से घेरते हैं. ये पूजा जिस दिन गांव में होती है, उस दिन गांव में मुनादी करा दी जाती है कि गांव के बाहर न तो कोई जायेगा और न ही बाहर का कोई गांव में प्रवेश करेगा. महिलाएं पानी भरने भी नहीं निकलेंगी.

घंटो चलता तंत्र मंत्र का खेल
घंटो तक चलने वाले इस तंत्र-मंत्र की क्रिया में गांव के भगवान की पूजा अर्चना की जाती है. तांत्रिक निर्वस्त्र होकर लाश की तरह सफेद कपड़ा ओढ़कर लेट जाता है और मंत्र क्रिया करने लगता है, जिसके बाद फिर मवेशी की भेंट बलि दी जाती है. इसको लेकर कई बार सवाल खड़े होते रहते हैं.

रायपुर में सीएम हाउस के बाहर हरेली पर्व पर प्रस्तुति देते लोककलाकार.


बुरी बाधाओं से बचाना उद्देश्य
मुंगेली तांत्रिक रमेश मरावी का कहना है कि ऐसा सब करने के पीछे ग्रामीणों का उद्देश्य गांव को बुरी बाधाओं से बचाना होता है. महामारी बीमारी से ग्रामीणों और उनके मवेशियों की रक्षा के लिये ये क्रिया की जाती है. मामले के जानकारी अघनूराम का कहना है कि ग्रामीण अच्छी फसल और खुशहाली की कामना के लिये इस तरह के तंत्र मंत्र और जादू टोने टोटके का सहारा लेते हैं. ऐसा कई बरसों से चला आ रहा है, जिसका सभी अनुसरण करते आ रहे है. किसानों के लिये सबसे महत्वपूर्ण होती है. फसल और गौधन जिसके रक्षा लिये वो तरह तरह के जतन करते हैं.
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First published: August 1, 2019, 1:10 PM IST
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