अपना शहर चुनें

States

परिजनों से मिलने जा रहे पुलिसकर्मी का माओवादियों ने किया अपहरण

नारायणपुर जिले के पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर पदस्थ मिचा वड्दा पिछले ढेड़ महिने से डयूटी से गायब है। बता दें कि आरक्षक अपने परिजनों से मिलने के लिए कुतुल गया हुआ था, जहां से माओवादियों ने उसका अपहरण कर लिया। बताया जा रहा है कि माओवादी उसका हाथ पैर बांधकर उसे घुमा रहे हैं। वहीं कुतुल में रह रहे मिचा वड्दा के चाचा मिचा की पत्नी को लेकर गांव गए हुए हैं। माओवादियों के भय से परिवारवालों ने अबतक मामला दर्ज नहीं कराया है।
नारायणपुर जिले के पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर पदस्थ मिचा वड्दा पिछले ढेड़ महिने से डयूटी से गायब है। बता दें कि आरक्षक अपने परिजनों से मिलने के लिए कुतुल गया हुआ था, जहां से माओवादियों ने उसका अपहरण कर लिया। बताया जा रहा है कि माओवादी उसका हाथ पैर बांधकर उसे घुमा रहे हैं। वहीं कुतुल में रह रहे मिचा वड्दा के चाचा मिचा की पत्नी को लेकर गांव गए हुए हैं। माओवादियों के भय से परिवारवालों ने अबतक मामला दर्ज नहीं कराया है।

नारायणपुर जिले के पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर पदस्थ मिचा वड्दा पिछले ढेड़ महिने से डयूटी से गायब है। बता दें कि आरक्षक अपने परिजनों से मिलने के लिए कुतुल गया हुआ था, जहां से माओवादियों ने उसका अपहरण कर लिया। बताया जा रहा है कि माओवादी उसका हाथ पैर बांधकर उसे घुमा रहे हैं। वहीं कुतुल में रह रहे मिचा वड्दा के चाचा मिचा की पत्नी को लेकर गांव गए हुए हैं। माओवादियों के भय से परिवारवालों ने अबतक मामला दर्ज नहीं कराया है।

  • Last Updated: March 23, 2015, 7:43 AM IST
  • Share this:
नारायणपुर जिले के पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर पदस्थ मिचा वड्दा पिछले ढेड़ महिने से डयूटी से गायब है। बता दें कि आरक्षक अपने परिजनों से मिलने के लिए कुतुल गया हुआ था, जहां से माओवादियों ने उसका अपहरण कर लिया। बताया जा रहा है कि माओवादी उसका हाथ पैर बांधकर उसे घुमा रहे हैं। वहीं कुतुल में रह रहे मिचा वड्दा के चाचा मिचा की पत्नी को लेकर गांव गए हुए हैं। माओवादियों के भय से परिवारवालों ने अबतक मामला दर्ज नहीं कराया है।

मिचा वड्दा अबुझमाड़ के कुतुल का निवासी है। उसका पूरा परिवार नक्सलियों के भय से नारायणपुर में आकर रह रहा है। इस बीच कुतुल से नारायणपुर आकर मिचा के चाचा मिचा की पत्नी को अपने साथ ले गए हैं। वे परिजनों को यह कहकर गए हैं कि मिचा को माओवादी जल्दी ही रिहा कर देंगे। परिजनों ने माओवादियों के भय से पुलिस में अबतक मामला दर्ज नहीं करवाया है।

आप hindi.news18.com की खबरें पढ़ने के लिए हमें फेसबुक और टि्वटर पर फॉलो कर सकते हैं.



 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज