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यहां के लोगों का पसंदीदा नाश्‍ता है मधुमक्‍खी का छत्‍ता

वैसे तो नाश्‍ते के साथ शहद कई लोग खाते हैं, लेकिन नारायणपुर के लोगों के लिए मधुमक्‍खी का छत्‍ता ही पसंदीदा नाश्‍ता है। दिलचस्‍प बात यह है कि शुद्धता की गारंटी की वजह से इसकी मांग भी बहुत है।
वैसे तो नाश्‍ते के साथ शहद कई लोग खाते हैं, लेकिन नारायणपुर के लोगों के लिए मधुमक्‍खी का छत्‍ता ही पसंदीदा नाश्‍ता है। दिलचस्‍प बात यह है कि शुद्धता की गारंटी की वजह से इसकी मांग भी बहुत है।

वैसे तो नाश्‍ते के साथ शहद कई लोग खाते हैं, लेकिन नारायणपुर के लोगों के लिए मधुमक्‍खी का छत्‍ता ही पसंदीदा नाश्‍ता है। दिलचस्‍प बात यह है कि शुद्धता की गारंटी की वजह से इसकी मांग भी बहुत है।

  • News18
  • Last Updated: August 3, 2014, 9:14 AM IST
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वैसे तो नाश्‍ते के साथ शहद कई लोग खाते हैं, लेकिन नारायणपुर के लोगों के लिए मधुमक्‍खी का छत्‍ता ही पसंदीदा नाश्‍ता है। दिलचस्‍प बात यह है कि शुद्धता की गारंटी की वजह से इसकी मांग भी बहुत है।

नई दुनिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां शहद की बोतल की कीमत 150-200 रुपए है, पर मधुमक्‍खी के छत्‍ते की मांग बढ़ती ही जा रही है। मसलन, एक कटोरी छत्‍ते की कीमत दस रुपए है। अब तो अधिकतर दुकानों और सभी साप्ताहिक हाट में इसकी बिक्री खूब होती है।

इसके छत्‍ते की मिठास अलग ही होती है। छत्ते में पाए जाने वाले मधुमक्खी के अंडे खास नाश्‍ते के स्वाद को दोगुना कर देते हैं। इसे खाने का तरीका भी बहुत अजूबा है। कुछ लोग छत्ते को चूसकर फेंक देते हैं, तो कुछ लोग छत्ते समेत गटक जाते हैं। डॉक्‍टरों का भी मानना है कि मधुमक्‍खी का छत्‍ता सेहत के लिए काफी अच्छा है।



इसे निकालने के लिए रात में मधुमक्खी के छत्ते के नीचे आग जलाकर धुंआ किया जाता है। इससे मधुमक्खियां उड़ जाती हैं। इसके बाद इस छत्ते को बहुत सावधानी से निकाला जाता है।
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