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लोकसभा चुनाव 2019: रायगढ़ में 'राज' करने बीस साल से तरस रही है कांग्रेस

News18 Chhattisgarh
Updated: April 23, 2019, 7:33 AM IST
लोकसभा चुनाव 2019: रायगढ़ में 'राज' करने बीस साल से तरस रही है कांग्रेस
सांकेतिक तस्वीर

रायगढ़ संसदीय क्षेत्र में कुल 17 लाख 31 हजार 655 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे.

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छत्तीसगढ़ की रायगढ़ लोकसभा सीट पर पिछले बीस सालों से बीजेपी का कब्जा है. यहां से सांसद विष्णुदेव साय केन्द्र में मंत्री भी हैं, लेकिन बीजेपी ने साल 2019 के आम चुनाव में सूबे के सभी मौजूदा सांसदों की टिकट काट कर नया प्रयोग किया है. इसके चलते विष्णुदेव साय की जगह इस बार गोमती साय को बीजेपी ने प्रत्याशी बनाया है. यहां कुल 12 प्रत्याशी मैदान में हैं, लेकिन सीधा मुकाबला बीजेपी की गोमती साय और कांग्रेस प्रत्याशी लालजीत रठिया के बीच है. रायगढ़ संसदीय क्षेत्र में कुल 17 लाख 31 हजार 655 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे.

छत्तीसगढ़ की रायगढ़ लोकसभा सीट अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित है. रायगढ़ जिले का रायगढ़ शहर अपने कोयले के भंडरों और बिजली उत्पादन के लिए मशहूर है. यह देश का बड़ा लोहा-स्टील का उत्पादक भी है. छत्तीसगढ़ के निर्माण से पहले 1952 से 1999 तक रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र मध्य प्रदेश के अंतर्गत आता था. मदन सिंह ने रायगढ़ राज्य की स्थापना की थी. इस सीट से वर्तमान सांसद विष्णु देव साय की जगह बीजेपी ने गोमती साय को इस बार मैदान में उतारा है.

रायगढ़ से बीजेपी और कांग्रेस प्रत्याशी.


आजादी के बाद पहली बार 1952 हुए चुनावों के बाद से अब तक इस सीट पर 16 बार में से 1999, 2004, 2009 और 2014 के चुनावों में बीजेपी का ही कब्जा रहा. विष्णु देव साय लगातार चार बार से बीजेपी के टिकट पर लड़ते और जीतते आ रहे हैं. कांग्रेस की वर्तमान वरिष्ठ कांग्रेस नेता पुष्पा देवी इस लोकसभा सीट से तीन बार जीतकर सांसद रह चुकी हैं. यही वह वक्त है जिस दौरान कांग्रेस प्रत्याशी को रायगढ़ से 50 फीसदी से ज्यादा वोट हासिल हुए. यहां के सांसदों की किस्मत 17 लाख 31 हजार 655 मतदाता लिखने जा रहे हैं.

file Photo.


रायगढ़ छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित एक शहर है. यह रायगढ़ जिले का जिला मुख्यालय है. यह अपनी ऐतिहासिक सांस्कृतिक गतिविधियों के कारण छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक राजधानी के तौर पर जाना जाता है. रायगढ़ एक रियासत थी जो सीधे तौर पर अंग्रेजों द्वारा शासित नहीं थी, बल्कि एक स्थानीय शासक द्वारा शासित थी. आजादी के बाद रायगढ़ भारत के संघ में शामिल होने वाला पहला राज्य और मध्य प्रदेश राज्य में एक अलग जिला बना. रायगढ़ जिला, बिलासपुर डिविजन में राज्य के पूर्वी भाग में स्थित है. रायगढ़ को 'ढोकरा कास्टिंग' या 'बेल मेटल कास्टिंग' के साथ ही रेशम के दो प्रकारों- तसर सिल्क और शहतूत सिल्क के लिए जाना जाता है.

आदिवासी बाहुल्य सरगुजा में पांच जिले सरगुजा, जशपुर, कोरिया, बलरामपुर और सूरजपुर आते है. इसमें विधानसभा की 8 सीटों में से पांच सीटें अनुसूचित जनजाति, एक सीट अनूसूचित जाति और दो सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित हैं. जिनमें जशपुर नगर(एसटी), लैलुंगा(एसटी), खरसिया, कुनकुरी (एसटी), रायगढ़, धरमजयगढ़(एसटी), पत्थलगांव (एसटी), सारंगगढ़(एससी) शामिल हैं.
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First published: April 23, 2019, 7:33 AM IST
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