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रायगढ़: जनसुनवाई को लेकर एसटी आयोग और प्रशासन आमने-सामने

Raigrh: ST commission and administration stands face to face over a public hearing
Raigrh: ST commission and administration stands face to face over a public hearing

26 गांव के ग्रामीणों के साथ-साथ नेता भी उतरे जनसुनवाई के विरोध में.

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कोल ब्लॉक की जनसुवाई को लेकर कांग्रेस के बाद अब भाजपा के आदिवासी कद्दावर नेता और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष नंदकुमार साय खुलकर सामने आए है. 17 अप्रैल को महाराष्ट्र पावर जनरेशन की जनसुनाई को लेकर एसटी आयोग के अध्यक्ष और जिला प्रशासन आमने-सामने हो गए है.

अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष नंदकुमार साय ने जनसुनवाई को अवैध करार दिया है. जिला प्रशासन जनसुनवाई करने तैयारी कर रही है. आयोग के अध्यक्ष ने जनसुनवाई के पहले राज्य के राजस्व,खनिज और ऊर्जा सचिव को बैठक के लिए रायगढ़ तलब किया था. मगर सचिव बैठक में उपस्थित नहीं हुए. आयोग ने नाराजगी जाहिर करते हुए सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

17 अप्रैल को महाराष्ट्र पावर जनरेशन की जनसुनवाई 23.60 एमटीपीएस ओपन कास्ट और 22.0 एमटीपीए अंडरग्राउंड 1.6 एमटीपीएस कोल ब्लॉक को लेकर जनसुनवाई होनी है. 26 गांव के किसान और आम जनता इसका विरोध कर रहे है. अब विरोधियों के साथ एसटी आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष नंदकुमार साय भी उतर गए है.



अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष नंदकुमार साय का कहना है कि आयोग ने सुनवाई को अवैध पाया है. क्योकि जनसुनवाई से पहले जो कार्रवाई होनी चाहिए वो नहीं हुई. इसलिए जनसुनवाई को निरस्त किया जाता है. पहले ग्राम सभा की अनुमति ली जानी चाहिए.गारे पेलमा और तमनार क्षेत्र के 26 गांव के किसान कोल ब्लॉक के संचालकों की मनमानी से परेशान है. अब एक और कोल ब्लॉक थोपने की तैयारी की जा रही है. सामाजिक संगठन,जनप्रतिनिधि अब इसके विरोध में खड़े हो गए है. इस जनसुनवाई के विरोध में भाजपा के कद्दावर आदिवासी नेता तो सामने आ ही गए है वहीं कांग्रेस भी जनसुवाई निरस्त करने की मांग कर रही है.
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