नई दुनिया की रिपोर्ट के अनुसार, कक्षा एक से लेकर पांच तक के बच्‍चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं है। इसके चलते स्‍कूल में शौचालय की सफाई करने वाला स्‍वीपर बच्‍चों को पढ़ा रहा है।" />नई दुनिया की रिपोर्ट के अनुसार, कक्षा एक से लेकर पांच तक के बच्‍चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं है। इसके चलते स्‍कूल में शौचालय की सफाई करने वाला स्‍वीपर बच्‍चों को पढ़ा रहा है।" /> नई दुनिया की रिपोर्ट के अनुसार, कक्षा एक से लेकर पांच तक के बच्‍चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं है। इसके चलते स्‍कूल में शौचालय की सफाई करने वाला स्‍वीपर बच्‍चों को पढ़ा रहा है।"> नई दुनिया की रिपोर्ट के अनुसार, कक्षा एक से लेकर पांच तक के बच्‍चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं है। इसके चलते स्‍कूल में शौचालय की सफाई करने वाला स्‍वीपर बच्‍चों को पढ़ा रहा है।">
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प्राइमरी स्‍कूल में नहीं कोई टीचर, स्‍वीपर ले रहा बच्‍चों की क्‍लास

गौरखुरी प्राइमरी स्‍कूल से अध्यापक नदारद हैं और बच्चों को स्वीपर पढ़ा रहा है। नई दुनिया की रिपोर्ट के अनुसार, कक्षा एक से लेकर पांच तक के बच्‍चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं है। इसके चलते स्‍कूल में शौचालय की सफाई करने वाला स्‍वीपर बच्‍चों को पढ़ा रहा है।

गौरखुरी प्राइमरी स्‍कूल से अध्यापक नदारद हैं और बच्चों को स्वीपर पढ़ा रहा है। नई दुनिया की रिपोर्ट के अनुसार, कक्षा एक से लेकर पांच तक के बच्‍चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं है। इसके चलते स्‍कूल में शौचालय की सफाई करने वाला स्‍वीपर बच्‍चों को पढ़ा रहा है।

गौरखुरी प्राइमरी स्‍कूल से अध्यापक नदारद हैं और बच्चों को स्वीपर पढ़ा रहा है। नई दुनिया की रिपोर्ट के अनुसार, कक्षा एक से लेकर पांच तक के बच्‍चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं है। इसके चलते स्‍कूल में शौचालय की सफाई करने वाला स्‍वीपर बच्‍चों को पढ़ा रहा है।

  • News18
  • Last Updated: March 12, 2014, 10:53 AM IST
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गौरखुरी प्राइमरी स्‍कूल से अध्यापक नदारद हैं और बच्चों को स्वीपर पढ़ा रहा है। नई दुनिया की रिपोर्ट के अनुसार, कक्षा एक से लेकर पांच तक के बच्‍चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं है। इसके चलते स्‍कूल में शौचालय की सफाई करने वाला स्‍वीपर बच्‍चों को पढ़ा रहा है।

ग्राम पंचायत टांटीधार की आश्रित ग्राम गौरखुरी प्राथमिक स्कूल में 45 बच्‍चे पढ़ते हैं और पिछले तीन महीने से स्‍कूल में पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं है। बताया जा रहा है कि बच्‍चों के परिजन भी शिक्षकों की कमी को लेकर चिंता जाहिर कर चुके हैं लेकिन इसके बाद भी स्थिति नहीं सुधरी है।

दिसंबर में एक शिक्षक की नियुक्ति की गई थी लेकिन वह भी दिसंबर से अनुपस्थित है।



जनवरी माह में जब स्‍कूल का निरीक्षण करने बीईओ कोटा सविता सिंह राजपूत गांव पहुंची तो ग्रामीणों ने शिक्षक नहीं होने की शिकायत की थी। इसके बाद स्‍कूल में कार्यरत स्‍वीपर रवि कुमार राठौर को स्‍कूल में पढ़ाने का मौखिक आदेश दिया गया।
इस आदेश के बाद से बच्‍चों को स्‍वीपर पद में कार्यरत रवि कुमार राठौर पढ़ा रहा है। स्‍कूल में शिक्षक की कमी यथावत है इसे लेकर पालकों ने शिक्षाकर्मी भर्ती करने की मांग बीईओ से की है।
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