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बैस को किनारे कर मोदी कैबिनेट में शामिल हुए विष्‍णुदेव साय का सफरनामा

नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में रायगढ़ से भाजपा सांसद विष्‍णुदेव साय राज्‍यमंत्री बनाए गए हैं। साय को खनन, इस्पात, श्रम व रोजगार मंत्रालय का जिम्‍मा दिया गया है। रायपुर लोकसभा सीट से लगातार छह बार सांसद रह चुके रमेश बैस को भी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चा थी, लेकिन उन्हें शामिल नहीं किया गया।
नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में रायगढ़ से भाजपा सांसद विष्‍णुदेव साय राज्‍यमंत्री बनाए गए हैं। साय को खनन, इस्पात, श्रम व रोजगार मंत्रालय का जिम्‍मा दिया गया है। रायपुर लोकसभा सीट से लगातार छह बार सांसद रह चुके रमेश बैस को भी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चा थी, लेकिन उन्हें शामिल नहीं किया गया।

नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में रायगढ़ से भाजपा सांसद विष्‍णुदेव साय राज्‍यमंत्री बनाए गए हैं। साय को खनन, इस्पात, श्रम व रोजगार मंत्रालय का जिम्‍मा दिया गया है। रायपुर लोकसभा सीट से लगातार छह बार सांसद रह चुके रमेश बैस को भी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चा थी, लेकिन उन्हें शामिल नहीं किया गया।

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नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में रायगढ़ से भाजपा सांसद विष्‍णुदेव साय राज्‍यमंत्री बनाए गए हैं। साय को खनन, इस्पात, श्रम व रोजगार मंत्रालय का जिम्‍मा दिया गया है। रायपुर लोकसभा सीट से लगातार छह बार सांसद रह चुके रमेश बैस को भी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चा थी, लेकिन उन्हें शामिल नहीं किया गया।

विष्णुदेव साय रायगढ़ सीट से लगातार चौथी बार जीतकर सांसद बने हैं। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी आरती सिंह को 2,16,750 मतों से पराजित किया। विष्णुदेव साय प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष हैं। इस साल जनवरी में उन्हें पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने प्रदेश भाजपा की कमान सौंपी थी।

साय इससे पहले भी वर्ष 2006 से 2010 तक भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष थे। उनके नेतृत्व में ही भाजपा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 2006 में भी छत्तीसगढ़ में बहुमत प्राप्त करने में सफल रही और साथ ही लोकसभा के 11 में से 10 सीटें जीतने में सफल रही थी।



उल्‍लेखनीय है कि हालिया लोकसभा चुनाव में राजस्‍थान में भाजपा को 14 लोकसभा सीटों में से 12 पर जीत मिली थी।
कैबिनेट मंत्री:

राजनाथ सिंह : गृह मंत्रालय
सुषमा स्वराज : विदेश मंत्रालय, प्रवासी भारतीय मामलों का मंत्रालय
अरुण जेटली : वित्त, कार्पोरेट मामला, रक्षा मंत्रालय
एम. वेंकैया नायडु : शहरी विकास, आवास व शहरी गरीबी उन्मूलन, संसदीय कार्य मंत्रालय
नितिन गडकरी : सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, जहाजरानी
डी. वी. सदानंद गौड़ा : रेलवे
उमा भारती : जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनर्जीवन
नजमा हेप्तुल्ला : अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय
गोपीनाथ राव मुंडे : ग्रामीण विकास, पंजायती राज, पेयजल व स्वच्छता
राम विलास पासवान : उपभोक्ता मामला, खाद्य व सार्वजनिक वितरण
कलराज मिश्र : सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम
मेनका गांधी : महिला व बाल विकास विभाग
अनंत कुमार : रासायनिक व उवर्रक
रवि शंकर प्रसाद : संचार और सूचना प्रौद्योगिकी, कानून व न्याय
अशोक गजापति राजू पसुपति : नागरिक उड्डयन
अनंत गीते : भारी उद्योग व सार्वजनिक उद्यम
हरसिमरत कौर बादल : खाद्य प्रसंस्करण उद्योग
नरेंद्र सिंह तोमर : खनन, इस्पात, श्रम एवं रोजगार
जुआल ओरांव : जनजातीय मामला
राधा मोहन सिंह : कृषि
थवर चंद गहलोत : सामाजिक न्याय व अधिकारिता
स्मृति ईरानी : मानव संसाधन विकास
हर्षवर्धन : स्वास्थ्य व परिवार कल्याण

राज्य मंत्री :
जनरल (सेवानिवृत्त) वी.के.सिंह : पूर्वोत्तर क्षेत्रों का विकास (स्वतंत्र प्रभार), विदेश मंत्रालय, प्रवासी भारतीय मामलों का मंत्रालय
इंद्रजीत सिंह राव : नियोजन (स्वतंत्र प्रभार), सांख्यिकी व कार्यक्रम क्रियान्वयन (स्वतंत्र प्रभार ), रक्षा
संतोष कुमार गंगवार : कपड़ा (स्वतंत्र प्रभार ) संसदीय कार्य मंत्रालय
श्रीपद येसो नाइक : संस्कृति (स्वतंत्र प्रभार), पयर्टन (स्वतंत्र प्रभार)
धर्मेद्र प्रधान : पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस (स्वतंत्र प्रभार)
सर्बनंद सोनोवाल : कौशल विकास, उद्यमशीलता, युवा मामले व खेल (स्वतंत्र प्रभार)
प्रकाश जावड़ेकर : सूचना व प्रसारण (स्वतंत्र प्रभार), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन (स्वतंत्र प्रभार), संसदीय मामला
पीयूष गोयल : विद्युत (स्वतंत्र प्रभार), कोयला (स्वतंत्र प्रभार), नवीन व नवीनीकृत ऊर्जा (स्वतंत्र प्रभार)
जितेंद्र सिंह : विज्ञान व प्रौद्योगिकी (स्वतंत्र प्रभार), भू विज्ञान ( स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत व पेंशन, आण्विक ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग
निर्मला सीतारमन : वाणिज्य व उद्योग (स्वतंत्र प्रभार), वित्त, कार्पोरेट मामला
जी.एम.सिद्देश्वरा : नागरिक उड्डयन
मनोज सिन्हा : रेलवे
निहालचंद : रासायनिक व ऊवर्रक
उपेंद्र कुशवाहा : ग्रामीण विकास, पंचायती राज, पेयजल एवं स्वच्छता
पी.राधाकृष्णन : भारी उद्योग व सार्वजनिक उद्यम
किरन रिज्जु : गृह मंत्रालय
कृष्ण पाल : सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, जहाजरानी
संजीव कुमार बलयान : कृषि, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग
मनसुखभाई धंजीभाई वासवा : जनजातीय मामला
रावसाहेब दादराव दान्वे : उपभोक्ता मामला, खाद्य व सार्वजनिक वितरण
विष्णु देव साईं : खनन, इस्पात, श्रम व रोजगार
सुदर्शन भगत : सामाजिक न्याय व अधिकारिता
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