छत्तीसगढ़ में टेंडर जारी करने में की गई 4601 करोड़ रुपये की गड़बड़ी: CAG

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छत्तीसगढ़ में पिछली सरकार में बड़ी गड़बड़ियां होने के संकेत मिले हैं. कंप्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (कैग) ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट पेश की.

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छत्तीसगढ़ में पिछली सरकार में बड़ी गड़बड़ियां होने के संकेत मिले हैं. कंप्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (कैग) ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट पेश की. रमन सरकार के तीसरे कार्यकाल में ई-टें​डरिंग प्रक्रिया में बड़ी गड़बड़ी किए जाने का खुलासा किया है. कैग की रिपोर्ट में बताया गया है कि 4 हजार 601 करोड़ रुपये के टेंडर में गड़बड़ी की गई है. रिपोर्ट के मुताबिक 17 विभागों के अधिकारियों द्वारा 4 हजार 601 करोड़ के टेंडर में 74 ऐसे कम्प्यूटर का इस्तेमाल निविदा अपलोड करने के लिए किया गया था, जिनका इस्तेमाल वापस उन्हीं टेंडरों को भरने के लिए भी किया गया.

कैग की रिपोर्ट में बताया गया है कि 10 लाख से 20 लाख रुपये के 108 करोड़ के टेंडर पीडब्ल्यूडी और डब्ल्यूआरडी में प्रणाली द्वारा जारी न कर मैन्युअल जारी किये गए. रिपोर्ट के मुताबिक जिन 74 कंप्यूटरों से टेंडर निकाले गए उसी कंप्यूटरों से टेंडर वापस भरे भी गए. ऐसा 1921 टेंडर में हुआ. यानी कि 4601 करोड़ के टेंडर अधिकारियों के कंप्यूटर से ही भरे गए. कम्प्यूटर के आईपी एड्रेस के आधार पर इस गड़बड़ी को पकड़ा गया.

कैग की रिपोर्ट के आदिमजाति कल्याण विभाग में अनुदान जारी करने में भी गड़बड़ी हुई है. इसके अनुसार 6 सरकारी, 13 निजी स्कूलों के प्राचार्य समेत एक सहायक आयुक्त पर एफआईआर दर्ज हुई है. उन स्कूलों के नाम पर भी करीब 1 करोड़ 40 लाख रुपये का अनुदान जारी कर दिए गए, जो संचालित ही नहीं हो रहे थे.



कैग रिपोर्ट के मुताबिक सरकार के निर्देश के बाद भी 108 करोड़ के टेंडर मैनुअली दिए गए. 4 हजार 601 करोड़ के टेंडर में मशीन का इस्तेमाल हुआ. ऑडिटर जनरल विजय कुमार मोहंती ने न्यूज 18 से चर्चा में बताया कि विभिन्न विभागों में ऑडिट के दौरान गड़बड़ियां पाईं गईं हैं. कैग ने रिपोर्ट जारी कर दी है. अब आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जा सकती हैं.
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