नए पुलिस कैम्प के विरोध में प्रदर्शन करने पहुंचे 5000 आदिवासी, कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा

सुकमा में आदिवासी पुलिस कैम्प का विरोध कर रहे हैं.

सुकमा में आदिवासी पुलिस कैम्प का विरोध कर रहे हैं.

कोविड संक्रमण के खतरे के बीच छत्तीसगढ़ के सुकमा से डरानेवाली तस्वीर सामने आई है. दावा किया जा रहा है कि नक्सलियों ने पुलिस कैम्प का विरोध करने 5 हजार से ज्यादा आदिवासियों को प्रदर्शन के लिए जमा कर लिया है.

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रिपोर्ट - आदित्य राय

सुकमा. कोविड संक्रमण के खतरे के बीच छत्तीसगढ़ के सुकमा (Sukma) से डरानेवाली तस्वीर सामने आई है. दावा किया जा रहा है कि नक्सलियों ने पुलिस कैम्प का विरोध करने 5 हजार से ज्यादा आदिवासियों को प्रदर्शन के लिए पुलिस कैम्प के सामने जमा कर लिया है. आदिवासियों की इस भीड़ में न तो सोशल डिस्टेंसिंग है और न ही किसी ने मास्क पहना है. सुकमा जिले के घोर नक्सल प्रभावित इलाके सिलगेर में सुरक्षा बल का नया कैम्प खुला है. इसका ही विरोध ग्रामीण कर रहे हैं. इस विरोध प्रदर्शन का एक वीडियाे भी वायरल हो रहा है.

वायरल वीडियो में ग्रामीण पर्चे पढ़कर पुलिस के खिलाफ नारे लगाते दिख रहे हैं. पुलिस का कहना है कि एक तरफ जहां पूरे राज्य में कोविड के चलते लॉकडाउन लगा है, वहीं 5 हजार से ज्यादा आदिवासियों जमाकर नक्सली पुलिस के विरोध में प्रदर्शन करवा रहे हैं. हालांकि ग्रामीण सोमारू व कवासी का कहना है कि हमें पुलिस कैम्प नहीं चाहिए. हम पुलिस कैम्प का विरोध करने जमा हुए हैं. पुलिस कैम्प खुलने से हमें माओवादी बताकर जवान गिरफ्तार करते हैं.

डराकर प्रदर्शन करवा रहे नक्सली
दंतेवाड़ा एसपी अभिषेक पल्लव का कहना है कि नक्सलियों के कोर इलाके में पुलिस कैम्प खुलने से तिलमिलाए नक्सली सिलगेर में आदिवासियों को बंदूक के दमपर डराकर प्रदर्शन करवा रहे हैं. नक्सलियों में संक्रमण फैला है. ऐसे में इन आदोवासियो मे भी संक्रमण फैलने का डर है. सूचना है कि माओवादियों की समीक्षा बैठक के दौरान माओवादियों में संक्रमण फैला है. इसके बावजूद नक्सलियों के कोर इलाके में पुलिस का कैम्प खुलने से माओवादी सिलगेर और मनकापाल के इलाके में हजारों आदिवासियों को डराकर प्रदर्शन करवा रहे हैं.

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