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मदनवाड़ा नक्सल हमले की जांच के लिए 9 बिन्दु तय, 6 महीने में आयोग देगा रिपोर्ट

Surendra Singh | News18 Chhattisgarh
Updated: January 20, 2020, 4:56 PM IST
मदनवाड़ा नक्सल हमले की जांच के लिए 9 बिन्दु तय, 6 महीने में आयोग देगा रिपोर्ट
नक्सलियों ने 12 जुलाई 2009 को मदनवाड़ा में नक्सलियों ने हमला किया था.. (File Photo)

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के राजनांदगांव (Rajnandgaon) जिले के मदनवाड़ा (Madanwada) में नक्सल ​(Naxal) हमले की जांच के लिए 9 बिन्दु तय कर दिए गए हैं.

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रायपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के राजनांदगांव (Rajnandgaon) जिले के मदनवाड़ा (Madanwada) में नक्सल ​(Naxal) हमले की जांच के लिए 9 बिन्दु तय कर दिए गए हैं. सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति शंभुनाथ श्रीवास्तव की अध्यक्षता में गठित न्यायिक जांच आयोग (Judicial inquiry commission) 6 माह में अपनी रिपोर्ट देगा. तय बिन्दुओं पर जांच के साथ ही आयोग भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो, सुरक्षा एवं प्रशासकीय कदम उठाये जाने के संबंध में सुझाव एवं उपाय भी बताएगा.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) सरकार द्वारा मदनवाड़ा की नक्सली (Naxalite) घटना की जांच के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय से सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति शंभुनाथ श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग गठित किया गया है. यह जांच आयोग 12 जुलाई 2009 को राजनांदगांव जिले के थाना मानपुर के अंतर्गत ग्राम मदनवाड़ा, महका पहाडी़, ग्राम कारेकट्टा एवं ग्राम कोरकोट्टी के निकट घटित नक्सली घटना की जांच करेगा. इस घटना में राजनांदगांव जिले के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक वीके चौबे सहित 29 पुलिस के जवान शहीद हो गए थे. आयोग के गठन की अधिसूचना 15 जनवरी के छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है.

इन बिन्दुओं पर होगी जांच
यह आयोग अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से 6 माह के भीतर जांच पूर्ण कर शासन को प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगा. यह आयोग विभिन्न बिन्दुओं पर जांच करेगा. इसमें यह घटना किन परिस्थितियों में घटित हुयी. क्या घटना को घटित होने से बचाया जा सकता था. क्या सुरक्षा की सभी निर्धारित प्रक्रियाओं-निर्देशों का पालन किया गया था. वे कौन सी परिस्थितियां थीं, जिनके आधार पर पुलिस अधीक्षक एवं सुरक्षा बलों को उक्त अभियान में जाना पड़ा. मदनवाड़ा, कारेकट्टा एवं कोरकुट्टी में पुलिस अधीक्षक एवं सुरक्षाबलों के एम्बुश में फंसने पर क्या अतिरिक्त संसाधन एवं बल उपलब्ध कराया गया. यदि हां, तो उसको स्पष्ट करें. उक्त घटना में नक्सलियों को हुए नुकसान एवं नक्सलियों के घायल, मृत होने के संबंध में जांच. उक्त घटना में मृत एवं घायल सुरक्षाबल के सदस्य किन परिस्थितियों में मृत एवं घायल हुए. घटना के पूर्व, घटना के दौरान एवं घटना के उपरांत ऐसे अन्य मुद्दे, जो घटना से संबंधित हों, इसको लेकर तथ्यात्मक प्रतिवेदन. क्या राज्य पुलिस बल एवं केन्द्रीय बल के बीच में समुचित समन्वय रहा है.

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First published: January 20, 2020, 4:53 PM IST
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